Tokyo Olympics: बजरंग पूनिया ने बढ़ाया देश का मान, टोक्यो में दिलाया छठा पदक

जापान की राजधानी टोक्यो में खेले जा रहे ओलंपिक खेलों में बजरंग पूनिया ने भारत क झोली में एक और ब्रॉन्ज मेडल डाल दिया है। भारतीय पहलवान ने 65 क्रिगा फ्रीस्टाइल वर्ग में ब्रॉन्ज के लिए खेले गए मुकाबले में कजाखस्तान के दौलेत नियाजबेकोव को एकतरफा मुकाबले में हराकर भारत को टोक्यो ओलंपिक में छठा मेडल दिलाया। इससे पहले बजरंग को अपने सेमीफाइनल मैच में तीन बार के विश्व चैंपियन हाजी अलीएव के हाथों 5-12 से हार झेलनी पड़ी थी। बजरंग ने कुश्ती में भारत को दूसरा मेडल दिलाया है, उनसे पहले रवि दहिया ने फाइनल तक का सफर तय करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।

बजरंग दौलत पर मैच की शुरुआत से ही हावी नजर आए और उनको वापसी करने का कोई मौका नहीं दिया। भारतीय पहलवान ने दौलत को पूरे मैच में एक भी प्वॉइंट हासिल नहीं करने दिया और मुकाबले को 8-0 से अपने नाम किया। बजरंग पूनिया भारत के उन खिलाड़ियों में से एक थे जिनसे देश को ओलंपिक खेलों में गोल्ड मेडल की उम्मीद थी। भारतीय रेसलर ने टोक्यो ओलंपिक में धमाकेदार आगाज किया था और अपने क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ईरान के दमदार पहलवान मुर्तजा गियासी को पटखनी देकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की थी। हालांकि, सेमीफाइनल में बजरंग की लेग- डिफेंस कमजोरी का भरपूर फायदा हाजी अलीएव ने उठाया और मैच को एकतरफा कर दिया था। टोक्यो ओलंपिक में यह भारत का चौथा ब्रॉन्ज मेडल है।

बजरंग पूनिया को ब्रॉन्ज मेडल जीतने पर देशवासियों से जमकर बधाई मिल रही है और सोशल मीडिया पर भी फैन्स उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। बजरंग और दौलत के बीच यह तीसरा मुकाबला था, इससे पहले दोनों रेसलर एक दूसरे को एक-एक बार हरा चुके थे। टोक्यो ओलंपिक में भारत का यह छठा मेडल है। टोक्यो ओलंपिक के दूसरे ही दिन वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू ने भारत को पहला मेडल दिलाया था। इसके बाद पीवी सिंधु, लवलीना और भारतीय हॉकी टीम ने 41 साल के सूखे को खत्म करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वहीं, रवि दहिया ने कुश्ती में ही सिल्वर मेडल अपने नाम किया था।