दिल्ली की जगह श्रीनगर में एनआईए करे मीरवाइज से पूछताछ, वकील ने उठाई मांग

हुर्रियत (एम) के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से जारी एक अन्य नोटिस का जवाब दिया है। इसमें उन्हें 18 मार्च को दिल्ली में जांच एजेंसी के सामने पेश होने के लिए कहा गया था। जवाब में हुर्रियत (एम) के प्रवक्ता ने कहा कि मीरवाइज उमर फारूक ने दोहराया है कि वह मामले में सहयोग करने के लिए तैयार हैं। मगर तनावपूर्ण माहौल के चलते वह दिल्ली की यात्रा नहीं कर सकते हैं। इसलिए स्थल को दिल्ली से श्रीनगर स्थानांतरित किया जाए।

वकील ने बताया पहले भी कई मौकों पर एजेंसी ने हुमहामा बड़गाम में कई लोगों की जांच कर चुकी है। इसलिए ऐसा कोई कारण नहीं है कि उनकी भी समान तरीके से जांच नहीं की जा सकती है।

इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव अली मोहम्मद सागर ने शनिवार को कहा था कि एनआई को अलगाववादी नेताओं से पूछताछ जरूर करनी चाहिए लेकिन इसे प्रतिष्ठा से जोड़कर देखना सही नहीं है।

उन्होंने कहा था कि हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक को दिल्ली बुलाया जाना सही नहीं। वह चाहें तो उनसे जम्मू कश्मीर में भी पूछताछ कर सकते हैं। इसके लिए खुद मीरवाइज भी तैयार हैं।

सागर ने यह बात श्रीनगर के शहर-ए-खास इलाके में एक सभा को संबोधित करते हुए कही थी। उन्होंने कहा मीरवाइज का स्थान सामाजिक और धार्मिक लिहाज से काफी मायने रखता है और उनका किसी तरह का अपमान अथवा उन्हें डराना धमकाना उनके अनुयायियों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है।

सागर ने कहा था, “मीरवाइज के पद का कश्मीर के लोगों द्वारा बहुत सम्मान किया जाता है। उनकी राजनीति के बावजूद, उनके परिवार ने कश्मीर के लोगों की सामाजिक-राजनीतिक मुक्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।