लोकसभा चुनाव 2019: दो धड़े में बंटा महागठबंधन, बंद होते जा रहे सुलह के रास्ते

अनुज श्रीवास्तव 

पटना  राजद और कांग्रेस में सीटों की दावेदारी को लेकर जबर्दस्त रस्साकशी है। पूरा महागठबंधन दो धड़ों में बंट गया है। दोनों अपनी-अपनी जिद पर अड़े हैं। बैठकें अलग-अलग हो रही हैं।  दबाव की राजनीति चरम पर है। प्रथम चरण के लिए चार लोकसभा क्षेत्रों में सोमवार से पर्चे भरे जाने लगे हैं, किंतु 11 और आठ के फेर में महागठबंधन की गति ठहर गई है।

जारी रहा बैठकों को दौर

दिल्ली में बैठकों का दौर सोमवार को भी जारी रहा, किंतु राजद की अलग और कांग्रेस की अलग। राजद नेता तेजस्वी यादव को सारे विवादों पर विराम लगाकर सोमवार शाम तक दिल्ली से पटना लौटना था। मीडिया को बताया गया था कि घटक दलों की संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस होगी। किंतु तेजस्वी नहीं लौटे। लिहाजा आशंका गहरा गई।

11 से कम पर तैयार नहीं कांग्रेस

माना जा रहा है कि मामला अब तभी पटरी पर आ सकता है, जब राजद और कांग्रेस में से कोई एक अपनी जिद से पीछे हटे। दोनों में से कोई इसके लिए तैयार नहीं है। कांग्रेस का साफ कहना है कि वह 11 से कम पर तैयार नहीं होगी और राजद प्रमुख का संदेशा है कि आठ से ज्यादा उसकी औकात नहीं है। मामला यही पर अटका है।

कांग्रेस का दावा है कि राजद ने सोच-समझकर कांग्रेस के लिए 11 सीटों पर सहमति दी थी। अब उससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। बहरहाल, तल्खी के माहौल में कांग्रेस ने राजद को दो दिनों का वक्त दिया है।

राजद ने भी बढ़ाया दबाव

कांग्रेस के दावे को खारिज करते हुए राजद ने उल्टे दबाव बढ़ा दिया है। बिहार के झगड़े को झारखंड से भी जोड़ दिया है। लोकसभा की 14 सीटों वाले राज्य झारखंड में एक सीट (चतरा) पर लगभग मान चुके राजद ने अपनी मांग की सूची में अब पलामू को भी शामिल कर लिया है। अपने साथी दलों को भी संकेत कर दिया है कि वे अपने-अपने स्तर से कांग्रेस पर दबाव बढ़ाएं।

वाम दलों ने भी बढ़ाया दबाव

इस बीच वामदलों ने भी दोनों बड़े दलों पर सीट बंटवारे का दबाव बनाया है। रोज-रोज के इंतजार से तंग आकर माले ने आरा में अपने प्रत्याशी राजू यादव के नाम का ऐलान भी कर दिया है। भाकपा ने भी बेगूसराय में कन्हैया कुमार को प्रत्याशी बनाने के लिए दो-टूक कह दिया है।

आज हो सकता है आरपार

तेजस्वी यादव के दिल्ली में रुक जाने के मायने सकारात्मक भी निकाले जा रहे हैं। बिहार कांग्रेस के नेता भी दिल्ली में ही जमे हैं। आलाकमान के संकेत का इंतजार है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार को दिल्ली से बाहर थे। उनके लौटने पर मंगलवार तक आरपार का पर्दाफाश हो सकता है।

बिहार में दोहराईजा सकती यूपी की कहानी

कांग्रेस से जुड़े सूत्र का दावा है कि राजद के रवैये से गठबंधन टूटने की आशंका बढ़ गई है। एक-दो दिनों में बातचीत नहीं हुई तो यूपी की कहानी बिहार में भी दोहराई जा सकती है। राजद की ओर से फिर दावा किया गया है कि मंगलवार तक तेजस्वी पटना लौट आएंगे और साथी दलों के साथ सीटों का बंटवारा कर लिया जाएगा।