लोकसभा चुनाव 2019: उत्तर प्रदेश में सौ बार परखकर प्रत्याशी उतार रही है भाजपा

अच्छी छवि के सत्यदेव पचौरी को भाजपा ने डा. मुरली मनोहर जोशी की सीट कानपुर से मैदान में उतारा है। इलाहाबाद में कभी हेमवती नंदन बहुगुणा दिग्गज नेता थे। उनकी कर्मभूमि थी। वहां से रीता बहुगुणा जोशी मैदान में होगी। पार्टी ने बलिया से अपने सांसद भरत सिंह का काटकर उनके स्थान पर वीरेन्द्र सिंह मस्त को उतारा है, जबकि मां-बेटे की सीट को बदलकर सुल्तानपुर से मेनका गांधी और पीलीभीत से वरुण गांधी को उतारकर सभी संशय खत्म कर दिया। भाजपा ने उ.प्र. के 29 उम्मीदवारों की आज सूची जारी की है। इसमें से 21 पुराने सांसदों को टिकट दिया है। साध्वी निरंजन ज्योति समेत कई सांसद अपनी सीट बचाने में सफल रहे और सात सांसदों वर्तमान सांसदों के टिकट कट गए। इसमें भाजपा के संस्थापकों में एक डा. मुरली मनोहर जोशी भी हैं।

विरोधियों को दी कड़ी चुनौती

सुल्तानपुर कांग्रेस के कभी युवा हृदय सम्राट रहे संजय गांधी की कर्मभूमि रही है। अमेठी उन्हीं का संसदीय क्षेत्र था। कांग्रेस के संजय सिंह उन्हें चुनाव लड़वाने ले गए थे। भाजपा ने मेनका गांधी को वहां से उतारकर राहुल गांधी के लिए अमेठी, सोनिया गांधी के लिए रायबरेली में मुश्किल बढ़ा दी है। इसे कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को अमेठी, रायबरेली में ही घेर लेने के तौर पर देखा जा रहा है।

अमेठी में भाजपा ने स्मृति ईरानी को उम्मीदवार बनाया है और पार्टी ईरानी की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा जोर लगा रही है। रामपुर से आजम खां की मुश्किल बढ़ाने के लिए पार्टी ने जया प्रदा को प्रत्याशी बनाया है। जया प्रदा को कभी समाजवादी पार्टी के आजम खां अमर सिंह से कहकर ले गए थे। पहली बार जया वहां से भाजपा के चुनाव चिन्ह, कार्यकर्ता और लोगों के बलपर चुनाव लड़ेगी।

आजम खां के लिए यह चुनौती कड़ी हो सकती है। ईटावा से प्रो. राम शंकर कठेरिया को उतारा है। फैजाबाद से जमीनी धाक जमाए लल्लू सिंह फिर मैदान में हैं। वहीं गाजीपुर से मनोज सिन्हा फिर ताल ठोकेंगे। भाजपा अध्यक्ष महेन्द्र नाथ पांडे फिर चंदौली से चुनाव मैदान में होंगे।

प्रत्याशी, जाति, समीकरण सब है पैमाना

सत्यदेव पचौरी कानपुर, रेखा वर्मा धौरहरा, इलाहाबाद से रीता बहुगुणा जोशी को भाजपा ने यूं ही प्रत्याशी नहीं बनाया है। 29 प्रत्याशियों की सूची में पार्टी ने एक-एक पर जिताऊ उम्मीदवार की परख करके उन्हें प्रत्याशी बनाया है। बलिया से मौजूदा सांसद भरत सिंह का टिकट कट गया है। जबकि भरत सिंह अभी 75 साल के ब्रैकेट में नहीं आते। इसी तरह से महेन्द्र नाथ पांडे फिर चंदौली से विरोधियों पर भारी पड़ सकते हैं। यहां तक कि पार्टी ने उम्मीद से काफी कम मौजूदा सांसदों का टिकट काटा है।