मुस्लिम महिलाओं ने मस्जिद में नमाज पढ़ने की मांगी इजाजत, SC ने गृह मंत्रालय को भेजा नोटिस

नई दिल्लीः मुस्लिम महिलाओं को मस्जिदों में नमाज अता करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, सेंट्रल वक्फ काउंसिल और गृह मंत्रालय को नोटिस भेज कर इस पर जवाब मांगा है। जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस अब्दुल नजीर की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। मुस्लिम महिलाओं के मस्जिदों में प्रवेश कर नमाज अता करने की मांग काे लेकर सोमवार को याचिका दायर की थी। मुस्लिम दंपति यासमीन जुबेर अहमद पीरजादे और जुबेर अहमद नजीर अहमद पीरजादे ने यह याचिका दायर की थी और मांग की थी कि सुप्रीम कोर्ट ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और सेंट्रल वक्फ काउंसिल को दिशा-निर्देश जारी करे कि महिलाओं को भी मस्जिदों में नमाज अता करने के लिए प्रवेश मिले।

याचिका में महिलाओं के प्रवेश औऱ नमाज अता करने पर लगी रोक को भेदभावपूर्ण बताया गया है और कहा गया है कि इस रोक को असंवैधानिक करार दिया जाए क्योंकि यह रोक असंवैधानिक है और आर्टिकल 14, 15, 21, 25 और 29 के खिलाफ है।

उल्लेखनीय है कि सुन्नी मस्जिदों में महिलाओं को प्रवेश कर नमाज अता करने पर रोक है। हालांकि भारत में दिल्ली की जामा मस्जिद समेत कई मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश की तो अनुमति है, लेकिन वह पुरुषों की तरह समान कतार में बैठकर नमाज नहीं पढ़ सकती हैं। उन्हें नमाज पढ़ने के लिए अलग जगह दी जाती है। इसके अलावा महिलाएं मगरिब (शाम की) के बाद भी मस्जिद में नमाज नहीं पढ़ सकती हैं।