RIL पर सऊदी अरामको लगाएगी बड़ा दांव, रिफाइनिंग बिजनेस में खरीदेगी 25% हिस्सेदारी

नई दिल्लीः दुनिया की सबसे बड़ी क्रूड ऑयल प्रोड्यूसर सऊदी अरामको मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज पर बड़ा दांव लगाने की तैयारी में है। दरअसल, सऊदी अरब सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी आरआईएल के रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स बिजनेस में 25 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए ‘गंभीर बातचीत’ कर रही है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में ये बातें सामने आई हैं।

15 अरब डॉलर में हो सकती है डील
आरआईएल के रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स बिजनेस की वैल्युएशन लगभग 55 से 60 अरब डॉलर है। इस हिसाब से माइनॉरिटी स्टेक की बिक्री से मुकेश अंबानी के स्वामित्व वाली कंपनी को 10 अरब डॉलर से 15 अरब डॉलर (70 हजार करोड़ से 1.05 लाख करोड़ रुपए के बीच) तक मिल सकते हैं।

जून में कोई एग्रीमेंट होने की उम्मीद
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वैल्युएशन को लेकर इस साल जून तक कोई एग्रीमेंट हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित डील को लेकर सलाह देने का काम गोल्डमैन सैक्स को सौंपा गया है। मंगलवार के शेयर प्राइस के हिसाब से RIL की कुल मार्केट कैप 8.5 लाख करोड़ रुपए थी।

RIL पर कुल 3 लाख करोड़ का कर्ज
वित्तीय क्षेत्र के एक जानकार ने कहा, ‘RIL ने एनर्जा से लेकर रिटेल और रिटेल से लेकर टेलिकॉम तक खासा काम किया है। इस डील से यह फंड बढ़ाने में मदद मिलेगी और शेयर होल्डर को भी खासा फायदा होगा।’

RIL ने टेलिकॉम क्षेत्र में रिलायंस जियो में खासा निवेश किया है, जिससे उस पर कुल कर्ज 3 लाख करोड़ हो गया है। कर्ज कम करने की प्रक्रिया जियो को विस्तार की योजना पर काम करने का मौका मिलेगा देगा।