हाइवें प्रतिबंध के कारण मरीज की मौत के मामले में जांच के आदेश

श्रीनगर : पुलवामा हमले के बाद श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर आम नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध के कारण एम्बुलेंस को रोके जाने से एक मरीज की मौत के मामले में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सी.आर.पी.एफ.) ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश जारी कर दिया है। सी.आर.पी.एफ. द्वारा जारी बयान में कहा गया कि डोडा के अब्दुल कयूम बांडे के निधन पर गहरा दुख हुआ है। बता दें कि गत 10 अप्रैल को लोवरमुंडा इलाके के पास अस्पताल से छुट्टी मिलने पर श्रीनगर से डोडा जा रहे लाइलाज बीमारी से पीडित मरीज और उसकी एम्बुलेंस को सुरक्षाबलों द्वारा रोका गया। एम्बुलेंस को नागरिक यातायात आवाजाही प्रतिबंध को लेकर सरकारी आदेश के अनुसार रोका गया था।

बयान में कहा गया कि हम अपनी गंभीर संवेदना व्यक्त करते हैं और बांडे परिवार के साथ सहानुभूति रखते हैं। हम जम्मू कश्मीर के नागरिकों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि एम्बुलेंस और बीमार नागरिकों को शीघ्र मार्ग सक्षम करने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। सात ही घटना को लेकर उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर 14 फरवरी को जैश के फिदायीन हमले में 40 सी.आर.पी.एफ. जवानों की मौत के बाद कश्मीर घाटी में सुरक्षाबलों के काफिलों के दौरान आम नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

वहीं, गत 10 अप्रैल को बांडे की मौत उस समय हो गई जब उसको श्रीनगर में एस.के.आई.एम.एस. अस्पताल से छुट्टी दी गई और वह डोडा में अपने घर की ओर जा रहा था। इस दिन राजमार्ग पर नागरिकों की आवाजाही पर प्रतिबंध था। एम्बुलेंस को सी.आर.पी.एफ. के जवानों द्वारा लोवरमुंडा इलाके के पास रोका गया और 30 मिनट के बाद आगे जाने की इजाजत दी गई।