झामुमो विधायक ने की पार्टी से बगावत, कहा- 14 लोकसभा सीट पर राजग गठबंधन को मेरा समर्थन

हजारीबाग. हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मांडू विधानसभा क्षेत्र के विधायक जयप्रकाश पटेल पार्टी के बगावत में उतर गए हैं। पटेल झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक हैं। उन्होंने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता कर पार्टी के खिलाफ चुनाव प्रचार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि देश और राज्य की हालत को देखते हुए एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जरुरत है। 14 लोकसभा में जहां जहां टेकलाल बाबू के समर्थक हैं, वहां राजग के समर्थन में पक्ष में वोट करने का अपील करुंगा। मुझे मोदी पसंद हैं, देश और राज्य को बचाना है। विपक्ष का जो महागठबंधन बना है वो स्वार्थ का गठबंधन है। देश और राज्य में अगर कोई गठबंधन मजबूत सरकार दे सकती है तो वो भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में बना राजग गठबंधन ही दे सकता है। इसलिए हमने राजग को समर्थन देने का फैसला किया है।

महागठबंधन को बताया स्वार्थ का गठबंधन
पटेल ने लोकसभा चुनाव के लिए झारखंड में बने विपक्षी दलों के बने महागठबंधन का बहिष्कार करते हुए उन्होंने इसे स्वार्थ का गठबंधन करार दिया। उन्होंने लोकसभा चुनाव के बाद दिसंबर में होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए झारखंड की सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा के पक्ष में चुनाव प्रचार करने की बात कही। शुक्रवार को जेपी पटेल और उनके समर्थकों ने बैठक की और फिर भाजपा को समर्थन देने का एलान किया। इस दौरान उन्होंने हजारीबाग लोकसभा सीट पर एनडीए के उम्मीदवार को जिताने का भी संकल्प लिया। बैठक के दौरान जेपी पेटल ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के हाईकमान को जमकर कोसा और अनदेखी का भी आरोप लगाया। उन्होंने झामुमो को कार्रवाई की चुनौती दी है।

गिरिडीह संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का पेश किया था दावा
मांडू विधायक जय प्रकाश भाई पटेल ने गिरिडीह संसदीय सीट से लोस चुनाव लड़ने का दावा पेश किया था। झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष सह पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के पास उन्होंने अपनी और कार्यकर्ताओं की भावना का रखा था। तर्क दिया था कि 2004 के लोस चुनाव में उनके पिताजी स्व. टेकलाल महतो गिरिडीह लोस से पहली बार चुनाव लड़े थे। जनता का अपार समर्थन मिला और वे सांसद चुने गए। तीन लाख 50 हजार मत उन्हें मिला था। एक लाख 49 हजार मतों से चुनाव जीतकर उन्होंने अपनी क्षमता और लोगों के विश्वास का प्रदर्शन किया था। तब झामुमो सहित अन्य पार्टियों को टेकलाल बाबू की क्षमता और कद का पता चला था। मांडू विधायक ने गिरिडीह संसदीय सीट पर अपनी मजबूत दावेदारी जताते हुए हेमंत सोरेन को जीत का समीकरण भी समझाया था। कहा था कि पार्टी यदि उन्हें उम्मीदवार बनाती है तो गिरिडीह संसदीय सीट पर झामुमो का परचम लहरेगा।