500 मीटर तक पटरियां व स्लीपर गायब, कल सुबह तक चालू हो सकता ट्रैक

श्रीमती विजय लक्ष्मी श्रीवास्तव

कानपुर, । हावड़ा-दिल्ली रेल रूट पर रूमा के पास पूर्वा एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने से रेल यातायात अव्यवस्थित हो गया है। हादसे के बाद करीब पांच सौ मीटर तक न तो पटरियां बची हैं और न ही एक भी स्लीपर नजर आ रहे हैं। रेलवे प्रशासन की टीम ट्रैक मरम्मत कार्य में जुट गई है। सुबह करीब साढ़े आठ बजे डाउन ट्रैक पर धीमी गति से मालगाड़ी गुजार यातायात बहाल किया गया। फिलहाल अप लाइन पूरी तरह से उखड़ चुका है, जिसकी मरम्मत का काम जारी है।शुक्रवार देर रात करीब 12:54 बजे पूर्वा एक्सप्रेस के डिरेल होने के बाद अप व लाइन का रेल यातयात बाधित हो गया। रेलवे बचाव दल ने घायल यात्रियों को अस्पताल व अन्य यात्रियों को कानपुर सेंट्रल स्टेशन भिजवाया। इसके बाद रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने पटरी मरम्मत का कार्य शुरू किया। सबसे पहले डाउन लाइन की मरम्मत के बाद ट्रेनों को गुजारा गया। इस दौरान करीब साढ़े सात घंटे तक रेल यातयात ठप रहा। सुबह साढ़े आठ बजे डाउन लाइन पर मालगाड़ी को बेहद धीमी गति से गुजारने के बाद अन्य ट्रेनों को निकाला गया। इस दौरान सुबह अपन ेसमय वंदे भारत एक्सप्रेस भी गुजारी गई। हालांकि अभी अप लाइन पर यातायात पूरी तरह से ठप है। हादसे के बाद अप लाइन पर 500 मीटर से अधिक रेलवे ट्रैक उखड़ गया। ट्रैक पर पांच सौ मीटर की दूरी पर न तो पटरियां बची हैं और न ही स्लीपर नजर आ रहे हैं। कई स्थानों पर उखड़ गया और पटरियों के टुकड़े हो गए हैं। वहीं ओएचई की लाइन पूरी तरह टूट गई और करीब आधा दर्जन से अधिक पोल उखड़ गए हैं। रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की टीम पहुंच चुकी है और रेलवे कर्मियों ने मलबा हटाना शुरू कर दिया है। पूर्वा एक्सप्रेस के दो स्लीपर कोच को दोबारा पटरी पर चढ़ाने के बाद दो इंजन लगाकर कानपुर के वर्कशॉप भेज दिए गए हैं। इनमें आरक्षित कोच एस 8 और एस 9 हैं, जो करीब एक किलोमीटर तक बेपटरी होकर दौडते रहे थे। टीम ने नई पटरियां, स्लीपर और ओएचई पोल मंगाए गए हैं। रेलवे सूत्रों की मानें तो मरम्मत का काम काफी तेजी से चल रहा है। ऐसी संभावना जताई जा रही कि रविवार सुबह तक ट्रैक मरम्मत का काम पूरा हो जाएगा और अप लाइन पर यातयात बहाल होने की उम्मीद है।