PM मोदी से असदुद्दीन ओवैसी का सवाल- क्या आतंक की आरोपी साध्वी के लिए प्रचार करेंगे?

भोपाल: साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल से बीजेपी उम्मीदवार घोषित करने के बाद अभी प्रतिक्रियाओं का दौर थमा भी नहीं था कि उनके द्वारा मुंबई हमले के दौरान शहीद हुए हेंमत करकरे पर विवादित टिप्पणी ने राजनीति में भूचाल ला दिया। अब साध्वी प्रज्ञा के बयान को लेकर एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने पीएम मोदी से सवाल किया है कि क्या वो आतंकवाद के केस की आरोपी साध्वी प्रज्ञा के लिए चुनाव प्रचार करेंगे? ओवैसी ने सीधा आरोप लगाया कि मोदी ने आतंकवाद से समझौता कर लिया है।

ओवैसी ने कहा कि, प्रज्ञा ठाकुर का बयान गैरजिम्मेदाराना ही नहीं बल्कि उन बहादुर अफसरों की बेइज्जती है, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए पाकिस्तान से आए आतंकवादियों से लड़ते हुए अपनी जान को कुर्बान कर दिया।भोपाल से साध्वी को टिकट दिए जाने पर ओवैसी ने कहा कि इससे दुनिया भर में देश का नाम खराब हुआ है। चुनाव जीतने के लिए मोदी को कोई और प्रत्याशी नहीं मिला क्या? जो उन्होंने एक आतंकवाद का आरोप झेल रहे आरोपी को प्रत्याशी बना दिया। मोदी सरकार की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई सिर्फ एक ड्रामा है।

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असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि आंतकवादी गतिविधियों के लिए हम पाकिस्तान को बलेम करते हैं, लेकिन मालेगांव में विस्फोटक जिस गाड़ी से बंधे थे, वह साध्वी प्रज्ञा सिंह की थी। इस विस्फोट में दस लोग मारे गए थे और एक सौ से अधिक घायल हुए थे। आखिरकार टिकट मिलने से यह साफ होना चाहिए कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर प्रधानमंत्री को क्यों पसंद आईं और उसका प्रधानमंत्री से क्या नाता है। इतना ही नहीं ओवैसी ने सवाल उठाया कि अगर हम किसी बम विस्फोच के आरोपी के साथ फोटो करवाते हैं तो मीडिया उसे मुद्दा बना लेता है। वहीं ओवैसी कहता है कि चुनाव धर्म युद्ध है तो मीडिया बवाल मचा देता लेकिन साध्वी जब चुनाव को धर्म युद्ध बता रही है तो इसको क्या समझा जाए। बीजेपी हर सवाल को धर्म और आस्था से जोड़ देती है।

गौरतलब है कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने यह कहा था कि 26/11 के मुंबई हमले में शहीद हुए एटीएस चीफ हेंमत करकरे को उनके कर्मों की सजा मिली है। उनके कर्म ठीक नहीं थे, इसलिए उन्हें संन्यासियों का श्राप लगा था। हालांकि इस टिप्पणी पर सियासी तूफान खड़ा होने के कारण साध्वी ने इसे अपनी निजी पीड़ा बताते हुए अपना बयान वापस ले लिया।