दिग्विजय सिंह नामांकन भरने के लिए निकले पैदल, इससे पहले लिया स्वामी स्वरुपानंद का आशीर्वाद

भोपाल: प्रदेश की बहुचर्चित लोकसभा सीट भोपाल के कांग्रेस प्रत्याशी दिग्विजय सिंह ने नामांकन भरने से पहले शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर दिग्विजय सिंह की पत्नी अमृता राय भी मौजूद थीं। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश पचौरी के घर से वो पैदल ही नामांकन दाखिल करने के लिए निकल पड़े। इस दौरान नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह, सहकारिता मंत्री डॉ गोविंद सिंह और कई प्रदेश पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

गुरु स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि यह दिग्विजय सिंह की भक्ति है, जो सच्चे हृदय से यहां आता है उसकी मनोकामना पूरी होती है। साध्वी साधु होते है उनके नाम के आगे गिरि, पुरी, सागर लगता है ठाकुर नहीं।साध्वी प्रज्ञा पर शंकराचार्य ने कहा कि हेमंत करकरे पर बयान अनुचित है। ये बयान शहीदों का अपमान है। देश के प्रति उनकी मनोवृत्ति नहीं है। शंकराचार्य ने कहा कि अगर वे महिषासुर मर्दनी हैं तो दिग्विजय सिंह को भी श्राप देकर मार दीजिए। पर्चा ही ना भर पाएं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव में गाली गलौज नहीं होना चाहिए। महिषासुर जैसी भाषा का चुनाव लोकतंत्र का सूचक नहीं

इससे पहले वे झरनेश्वर मंदिर में मत्था टेकने के लिए पहुंचे। मंदिर में मत्था टेकने के बाद जब उनसे चुनाव को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया, लेकिन उनके भाई लक्ष्मण सिंह ने साध्वी ठाकुर पर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि, भाजपा को धन्यवाद जो साध्वी प्रज्ञा जैसे उम्मीदवार को मैदान में उतारा। उनके पास विकास का कोई मुद्दा ही नहीं है। ऐसे में कांग्रेस की जीत यहां आसान हो गई है। वहीं लक्ष्मण सिंह ने साध्वी प्रज्ञा के सहारे पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह ने ही दो बार साध्वी प्रज्ञा को गिरफ्तार किया था।