बेनीवाल के हमनाम प्रत्याशी के मामले में नया मोड़, परिजनों ने दर्ज कराया अपहरण का मुकदमा

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भवानीसिह राठौड 

नागौर संसदीय क्षेत्र के एनडीए प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल के हमनाम वाले एक व्यक्ति के नामांकन दाखिल करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। नागौर से राष्ट्रीय पावर पार्टी के प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले हनुमान राम बेनीवाल के परिजनों ने उसका अपहरण कर जबरन नामांकन दाखिल कराने का मामला जोधपुर जिले के देचू पुलिस थाने में दर्ज कराया है। उनकी शिकायत पर पुलिस अब इस प्रत्याशी की तलाश कर रही है।

देचt थाना में शनिवार को बीरमाराम पुत्र धनाराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 18 अप्रेल को सुबह उसके भाई हनुमान राम के पास एक फोन आया। इसके बाद से उसका भाई गायब है। बाद में टीवी के माध्यम से पता चला कि उसके भाई ने नागौर संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया है। इसके बाद से परिजनों का हनुमान से संपर्क नहीं हो पा रहा है। उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। उसने नागौर के कांग्रेस नेता राधेश्याम सांगवां व सिद्धार्थ सिंह पुत्र सवाईसिंह चौधरी पर अपने भाई के अपहरण का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

ऐसे गरमाई राजनीति
नागौर में इन दिनों चुनावी राजनीति गरमाई हुई है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल का मुकाबाला पूर्व सांसद कांग्रेस प्रत्याशी ज्योति मिर्धा से है। बेनीवाल की पार्टी का चुनाव चिन्ह बोतल था। उन्होंने विधानसभा चुनाव इसी चिन्ह के साथ लड़ा, लेकिन चुनाव आयोग ने अब उनका चुनाव चिन्ह बदल कर टायर कर दिया। आयोग का कहना है कि गुजरात में पंजीकृत राष्ट्रीय पावर पार्टी काफी पहले अपना चुनाव चिन्ह बोतल पंजीकृत करवा चुकी है। एनवक्त पर चुनाव चिन्ह बदलने के कारण बेनीवाल को जोरदार झटका लगा। इस बीच नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन जोधपुर जिले के उनके एक हमनाम हनुमानराम बेनीवाल ने राष्ट्रीय पावर पार्टी के प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल कर दिया। माना जा रहा है कि चुनावी दांवपेंच के तहत कांग्रेस ने उनका नामांकन दाखिल कराया. ताकि हमनाम होने के अलावा बेनीवाल की पार्टी का पुराना चुनाव चिन्ह बोतल होने के कारण मतदाता भ्रमित हो सके। अब यह हनुमान राम दो दिन से गायब है और इसकी तलाश में परिजनों ने मुकदमा दर्ज कराया है।