कोर्ट के आदेश पर अपने मालिक का फैसला करने निकली गाय, कांस्टेबल के मकान के सामने जाकर ठहरी

युधिष्ठिर भूदंड 

जोधपुर. दो दावेदारों के मालिकाना हक में उलझी एक गाय शनिवार को कोर्ट के आदेश अपने  मालिक का फैसला करने निकली। कोर्ट के आदेश पर गाय को आज दोनों दावेदारों के घर से पांच सौ मीटर दूर छोड़ कर देखा गया कि यह किसके घर जाती है। गाय कांस्टेबल के मकान से कुछ दूरी पर जाकर खड़ी हो गई। गाय ने मकान में प्रवेश नहीं किया। वहीं शिक्षक का मकान इससे कुछ दूरी पर है । अब कमिश्नर की रिपोर्ट पर कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। कोर्ट के आदेश पर आज शाम गाय को लेकर कोर्ट की तरफ की नियुक्त कमिश्नर व वकील गाय को लेकर चैनपुरा बावड़ी स्थित नयाबास क्षेत्र में पहुंचे। यहां इस गाय के मालिकाना हक को लेकर दावा करने वाले शिक्षक श्यामसिंह परिहार व पुलिस कांस्टेबल ओमाराम विश्नोई के मकान से काफी पहले उसे वाहन से उतार दिया। इसके बाद गाय काफी देर तक इधर-उधर भटकती रही। इसके बाद धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए यह पुलिल कांस्टेबल ओमाराम के घर के सामने कुछ दूरी पर खड़ी हो गई। श्यामलाल का मकान यहां से चंद कदम दूर है। हालांकि गाय ओमाराम के मकान के गेट की तरफ नहीं गई। कोर्ट कमिश्नर राजकुमार चौहान ने कहा कि वे आज के घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट मय वीडियो रिकार्डिंग के कोर्ट में जमा करवा देंगे। कोर्ट तय करेगा कि इसका असली मालिक कौन है। वहीं शिक्षक श्यामलाल ने आरोप लगाया कि गाय हमेशा ऐसे ही भटकती रहती है। और आज ओमाराम के परिजनों ने गाय को आवा ज देकर अपने मकान के पास बुलाया। जबकि ओमा राम का कहना है कि यह सबके सामने है कि गाय कैसे मेरे घर के सामने आकर खड़ी हो गई।

यह है मामला
शहर के एक शिक्षक श्याम सिंह व कांस्टेबल ओमप्रकाश के बीच एक गाय के मालिकाना हक को लेकर अगस्त 2018 से एक विवाद चल रहा है। इस मामले को लेकर मंडोर थाने में एक वाद दर्ज किया गया इसके बाद थाना अधिकारी ने अपने स्तर पर इस मामले को सुलझाने के लिए गाय को बीच में खड़ा कर एक तरफ शिक्षक श्याम सिंह और दूसरी तरफ ओम प्रकाश को खड़ा कर गाय को आवाज देने के लिए कहा लेकिन गाय दोनों की तरफ नहीं गई। इस पर एक पक्ष ने यह दावा किया कि अब मेरी गाय ब्याने वाली है और जब यह दूध देगी तो अपना दूध खुद पीती है। इस पर पुलिस ने गाय को मंडोर गोशाला में रखा गया साथ ही वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए ताकि यह देखा जा सके कि गाय खुद का दूध खुद पीती है या नही? लेकिन इस जुगाड़ से भी काम नहीं बना। आखिर मामला कोर्ट तक पहुंचा और गाय को कोर्ट तक लाया गया।