ओपन काव्य प्रतियोगिता का आयोजन

 

ग्वालियर(अर्पित गुप्ता)शनिवार 20 अप्रैल को शहर के युवा कवि, स्पोकन वर्ड आर्टिस्ट नीर पुष्पेंद्र सिंह टीम और क्वेरेन्सिया लिटरेचर क्लब ( एम.आई. टी. एस ग्वालियर ) ने नोजोतो नामक टैलेंट नेटवर्क के बैनर तले ओपन माइक एवं काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया । तमाम शहरों के युवा कलाकारों ने अपनी प्रतिभा और हुनर से दोपहर को गुलज़ार बना दिया ।
इस मौके पर ना केवल ग्वालियर शहर किंतु भोपाल, आगरा, झाँसी, गुना, शिवपुरी, अलाहाबाद, कानपुर, जबलपुर, पुणे शहर से चुने गए 30 कवि/कवियत्री, कहानीकार, गायक/गायिकाएँ और अन्य कलाकारों ने सामाजिक, इश्क़, दोस्ती जैसे मुद्दों पर एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने विचारों, ख़्यालों, सपनों को नई उड़ान दी । प्रतिभागियों के अलावा भी लगभग 200 से ज्यादा लोगों ने कार्यक्रम में सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाया । कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर के तमाम युवा कलाकारों की प्रतिभा को ना केवल निखारने का है बल्कि सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से उनको राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाने का रहा ।
आयोजन में विशेष अतिथियों के रूप में शहर के कविजन, के कॉलेजो के प्रोफेसर्स, अन्य वरिष्ठ कलाकार मौजूद रहे जिन्होंने अंत मे चयनित प्रतिभाशाली युवाओं को पुरस्कृत व सम्मानित किया ।

यह रही ओपन माइक की विजेता कविताएँ

नीर पुष्पेंद्र सिंह ने ग़ज़ल के माध्यम से वहशियत पर प्रहार करते हुए पढ़ा – इक मनचले की अबसार में आ गयी वो लड़की, अगले ही दिन अख़बार में आ गयी वो लड़की । बस नौकरी ख़ातिर अपनों से मदद माँगी थी, देखो देह के व्यापार में आ गयी वो लड़की ।

आगरा से आये मुदित पांडेय ने पढ़ा – हाथों में मेहंदी लगा के रोई वो, मुझे देख कमरे में जाके रोई वो। उसकी पाक मोहब्बत पे शक़ कैसे करें हम, भरी महफ़िल में हमको गले लगाके रोई वो।

आकाश राठौर ने गीत की अपनी प्रस्तुति से वहाँ मौजूद सभी श्रोताओं का मन मोह लिया।।