वन रक्षक की संदिग्‍ध हालात में मौत पर परिजन बोले, मौत का कारण हादसा नहीं माफिया ने मार डाला

मीनाक्षी भारद्वाज 

मंडी, केलोधार में 16 अप्रैल की रात को वनरक्षक हरीश कुमार की हादसे में मौत मामले में नया मोड़ आ गया है। पत्नी सुनीता देवी ने क्षेत्र में सक्रिय वन माफिया पर उसके पति की हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस अधीक्षक से मिल कर पत्नी व अन्य परिजनों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करने की गुहार लगाई है। न्याय न मिलने की सूरत में उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा, ताकि पूरे प्रकरण की सीबीआइ जांच हो सके। पुलिस अधीक्षक को सौंपे शिकायती पत्र में सुनीता देवी का कहना है कि उसके पति 17 साल तक सेना में नौकरी करने के बाद वनरक्षक के पद पर भर्ती हुए थे।

ईमानदारी से ड्यूटी करने पर क्षेत्र में सक्रिय वन माफिया की आंखों की किरकिरी बन गए थे। उनके पति ने कई बार इस बात का खुलासा करते हुए बताया कि उच्च अधिकारियों के ध्यान में पेड़ कटान के मामले लाने के बाद भी राजनीतिक दबाव के कारण वन माफिया पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। वन माफिया की गोहर पुलिस थाना में भी शिकायत दर्ज करवाई गई थी। सड़क चौड़ा करने के लिए पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने के उन्होंने फोटो भी खींचने के साथ मोबाइल फोन पर रिकार्डिंग भी कर रखी है। करीब एक किलोमीटर के दायरे में वन संपदा पर कुल्हाड़ी चलाने की बात करते थे। 16 अप्रैल को वह उच्च अधिकारियों के पास आए। चैलचौक से वापस केलोधार के लिए रवाना हुए थे। उस रोज भी उनके मोबाइल फोन पर केलोधार से कॉल आई कि जल्दी आओ यहां पर जेसीबी की मदद से पेड़ कटान हो रहा है।रात नौ बजे उनके पति ने घर फोन कर पहुंचने की बात कही। इसके बाद 9:38 बजे दोबारा उन्होंने कॉल कर कहा कि चिंता मत करो, सो जाओ। लेकिन सुबह मोबाइल फोन पर उनके हादसे का शिकार होने की सूचना मिली। घटनास्थल पर सड़क पर उनके पति का एक मोबाइल फोन पड़ा हुआ पाया गया, जबकि दूसरा उनकी पेंट की जेब में ही था। पति के दो दांत टूटने के साथ-साथ गर्दन पर चीरे का निशान पाया गया है। हैरानी इस बात की है कि जहां पर उनके पति का शव पड़ा था वहां पर रक्त की एक बूंद तक नहीं पाई गई है। रात साढ़े नौ बजे से साढ़े ग्यारह बजे तक उस क्षेत्र में मौजूद मोबाइल फोन के लोकेशन की उच्च स्तरीय जांच की जाए। इधर, पुलिस अधीक्षक मंडी गुरदेव शर्मा ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं को केंद्र में रख कर मामले की छानबीन कर रही है।