अब तक बिगड़े बोल और लालच देने में फंस चुके 50 नेता, इनमें 10 भाजपा व कांग्रेस के चर्चित चेहरे

मीनाक्षी पारीक 

जयपुर. चुनाव आयाेग की तरफ से अब तक राजस्थान के 50 नेताओं काे आचार संहिता के उल्लंघन पर नाेटिस जारी हो चुके हैं। इनमें से बीजेपी-कांग्रेस के करीब 10 बड़े नेता शाामिल हैं। नाेटिस जारी हाेने वालाें में पांच प्रत्याशी भी हैं। विवादित बाेल, धमकी देना, पेड न्यूज, धार्मिक जगहाें पर प्रचार व देर रात प्रचार करने जैसे मामले शामिल हैं। अब ये नेता जिला स्तर पर नाेटिस का जवाब देने में जुटे हैं।

अशोक गहलोत : गुजरात के चुनाव आ रहे थे। घबराई भाजपा को लग रहा था कि वहां सरकार नहीं बनने जा रही। मेरा ऐसा मानना है कि जातीय समीकरण बैठाने के लिए रामनाथ कोविंदजी को राष्ट्रपति बनाया और आडवाणी साहब छूट गए। (17 अप्रैल को प्रेस कांफ्रेंस में)

गजेंद्र सिंह शेखावत : प्रशासन को मैं मंच पर खड़े होकर चेतावनी दे रहा हूं कि ये चुनाव आखिरी चुनाव नहीं है। पांच साल में राज बदल जाएगा। एक-एक की जन्मपत्री मेरी आंखों में रखी है, उल्टा नहीं लटका दूं तो मेरा नाम गजेंद्रसिंह नहीं है।’ (14 अप्रैल को पोकरण में सभा में)

अभी तक इन बड़े नेताओं को नोटिस भेज चुका चुनाव आयोग 

रामचरण बाेहरा (बीजेपी प्रत्याशी, जयपुर शहर):  पेड न्यूज व आर्मी के फाेटाे का उपयाेग करने पर तीन बार नाेटिस मिला।
कृष्णा पूनियां (कांग्रेस प्रत्याशी, जयपुर ग्रामीण) : पेड न्यूज।
गजेंद्र सिंह शेखावत (बीजेपी प्रत्याशी, जाेधपुर) : अफसराें काे देख लेने का विवादित बयान देने के मामले में नोटिस।
राज्यवर्द्धन सिंह (बीजेपी प्रत्याशी, जयपुर ग्रामीण) : पाेस्टर लगाने के 2 अलग-अलग मामलाें में नाेटिस भेजा गया।
नरेंद्र खींचड़ बीजेपी प्रत्याशी झुंझुनूं – अल्काॅहाेल के मामले में दिए बयान से लाेगाें की भावनाएं भड़काने पर नाेटिस।
ज्याेति खंडेलवाल जयपुर शहर प्रत्याशी  – चुनाव अायाेग ने एक स्ट्रिंग मामले में सीधे पुलिस काे रिपाेर्ट दी।
हमीर सिंह (विधायक)-बाड़मेर में बिना मंजूरी धार्मिक जगह प्रचार।