आतंकवाद के गढ़ में लोकतंत्र की दस्तक, अनंतनाग सीट पर पहले चरण का मतदान शुरू

साक्षी सूदन 

जम्मू,  अनंतनाग संसदीय क्षेत्र ..। देश की इकलौती ऐसी सीट जहां सुरक्षा कारणों से तीन चरणों में मतदान होना है। आज मतदान मतदान की पहली प्रक्रिया शुरू हो गई। सुरक्षाकर्मियों के घेरे में बनाए मतदान केंद्रों में सुबह इक्का-दुक्का ही सही परंतु आतंकवाद व अलगाववादियों की धमकियों को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए लोग पहुंचना शुरू हुए। जिन इलाकों में आतंकवादी मतदान प्रक्रिया में बाधा डाल सकते हैं, ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षाबलों ने किलाबंधी कर रखी है।

आम जनता बिना किसी डर के मतदान केंद्रों में पहुंच अपना वोट डालें इसके लिए मतदाताओं को जागरूक भी किया जा रहा है। प्रशासन का पूरा जोर है कि अनंतनाग सीट पर मतदाताओं को सुरक्षित माहौल देकर वोटिंग फीसद बढ़ाया जाए। यहां पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीएम मीर, नेकां से हसनैन मसूद अपना भाग्य आजमा रहे हैं। मुकाबला कांटे का है। जम्मू संभाग से बुलाई गई सुरक्षाबलों की 100 अतिरिक्त कंपनियां वहां तैनात की गई हैं। सेना ने अनंतनाग में बल्कि साथ सटे कुलगाम, शोपियां और पुलवामा के विभिन्न हिस्सों में सुबह तड़के से ही सघन तलाशी अभियान चला रखा है।यही नहीं मतदान प्रक्रिया में कोई खलल न पड़े इस वजह से 150 शरारती तत्वों को जिनमें कई पत्थरबाज और अलगाववादी संगठनों के जुड़े हैं, को भी हिरासत में ले रखा है।

07.41 AM : चुनाव आयोग ने अनंतनाग सीट पर आज से शुरू हुए पहले चरण के मतदान के समय में भी बदलाव किया है। यहां के मतदाता शाम 4 बजे तक ही मतदान कर पाएंगे। यह जिला 6 विधानसभा क्षेत्रों में फैला हुआ है, जिसमें अनंतनाग, डुरु, कोकरनाग, शांगस, बिजबिहाड़ा और पहलगाम शामिल हैं। इस दक्षिण कश्मीर के जिले में 529256 मतदाता हैं, जिनमें 269603 पुरुष, 257540 महिलाएं, 2102 सेवा मतदाता और 11 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं।

07.45 AM : बीजबेहाड़ा और अनंतनाग में मतदान धीमा है जबकि कोकरनाग, डुरु और पहलगाम में मतदाताओं की भीड़ धीरे-धीरे मतदान केंद्रों में बढ़ रही है।