RJD के बागी फातमी का बड़ा दावा: चारा घोटाला में शरद यादव ने लालू को जेल भिजवाया

 मधुबनी,  पूर्व केन्द्रीय मंत्री मोहम्मद अली अशरफ फातमी ने राजद से बगावत कर बसपा के टिकट से मधुबनी में नामांकन किया और फिर नामांकन वापसी के आखिरी दिन सोमवार को मधुबनी लोकसभा क्षेत्र से अपना नामांकन भी वापस ले लिया है। फातमी ने इस क्षेत्र से बसपा उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन 18 अप्रैल को नामांकन दाखिल किया था।

नामांकन वापस लेेने के बाद उन्होंने बड़ा खुलासा किया है और कहा है कि जिन लोगों ने लालू यादव को चारा घोटाले में फंसाया उन्होंने उसी शख्स को टिकट दे दिया। लालू को ना तो भाजपा ने फंसाया था, ना नीतीश ने ना ही शिवानंद तिवारी ने। लालू को शरद यादव ने चारा घोटाला मामले में सीबीआइ अधिकारी के साथ मिलकर फंसाया और उन्हें जेल भिजवाया था।

फातमी ने कहा कि मैंने अपनी आंखों से ये सब देखा है और लालू जी को सबसे पहले आगाह किया था कि आप किसी भी वक्त जेल जा सकते हैं इसीलिए अपने जेल जाने से पहले राबड़ी जी को सीएम घोषित कीजिए। उन्होंने आश्चर्य से पूछा था कि कौन मानेगा? मैंने ही कहा था कि सब ठीक हो जाएगा, आप जल्दी कुछ कीजिए। लालू ने मेरी बात मानी और राबड़ीजी को आनन-फानन में सीएम घोषित किया और जबतक ये सब हुआ तबतक उनकी गिरफ्तारी की खबर आ गई।

फातमी ने बताया कि लालू यादव ने कोई चारा घोटाला नहीं किया था। उन्हें पार्टी की अंदरूनी कलह के कारण फंसाया गया और जेल भेजा गया था। लालू जी के मेरे ऊपर कई एहसान हैं, लेकिन दुख होता है कि उन्होंने मुझे टिकट नहीं देकर उन लोगों को टिकट दिया जिन्होंने उनकी पीठ में छुरा घोंपा था।

गौरतलब है कि राजद से बेटिकट होने से नाराज होकर पूर्व केन्द्रीय मंत्री मो. अली अशरफ फातमी ने बगावती तेवर अपनाते हुए बसपा उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया था। इससे पूर्व उन्होंने राजद के सभी पदों समेत पार्टी से इस्तीफा दे दिया था।

दरभंगा लोकसभा क्षेत्र से फातमी सात बार चुनाव लड़ चुके हैं। चार बार विजयी रहे। केन्द्र सरकार में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री रह चुके हैं। हालांकि विगत दो लोकसभा चुनावों में उन्हें दरभंगा लोकसभा क्षेत्र से पराजय का सामना करना पड़ा था। जिस कारणइस बार दरभंगा लोकसभा क्षेत्र की बजाए मधुबनी लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाह रहे थे। लेकिन ऐन वक्त पर राजद से बेटिकट होने पर खासे नाराज हो गए थे।