दौसा के निजी स्कूलों में मनमानी फीस वसूलने से अभिभावकों में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

निजी स्कूलों में मनमानी फीस वसूलने पर अभिभावकों में रोष व्याप्त है। नया सत्र शुरू होते ही फीस बढ़ोतरी को लेकर अभिभावकों ने आंदोलन की चेतावनी दी है।

निजी स्कूलों में तीन साल को ध्यान में रखकर फीस निर्धारण की कमेटियों से मंजूरी ले ली। अब उसी फीस में साल दर साल फीस बढ़ा रहे हैं। फीस बढ़ोतरी को लेकर प्रदेश में दो फीस कानून बन गए, लेकिन अभिभावकों को आज तक राहत नहीं मिली। भाजपा सरकार ने कांग्रेस शासन में बने फीस कानून को रद्द कर दिया था और नया कानून बनाया था, लेकिन निजी स्कूल संचालकों ने इसका भी तोड़ ढूंढ लिया। कानून की कमी का फायदा उठाते हुए मनमानी फीस लागू कर दी। इसमें उन्होंने कानून की पालना भी कर ली और अभिभावकों राहत भी नहीं मिली। अयोध्या नगर, आगरा रोड तथा मंडी रोड की कई निजी स्कूलों में ऐसा ही हुआ है।

यह है कानून

भाजपा सरकार वर्ष 2016 में महाराष्ट्र पैटर्न पर फीस कानून राजस्थान फीस का विनियम एक्ट 2016 लाई। इसमें स्कूल पर फीस निर्धारण कमेटियों का गठन किया। इन कमेटियों को फीस निर्धारण करने का अधिकार सौंप दिया। कमेटी की तरफ से तय फीस तीन साल तक लागू रखने का प्रावधान था। स्कूल संचालकों ने फीस कमेटियां भी बना ली। कमेटी ने फीस बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी, लेकिन तीन साल में होने वाली बढ़ोतरी को ध्यान में रखकर फीस बढ़ोतरी कर दी।