बौंली (अजयशेखर शर्मा) मेटो को नहीं हो रहा भुगतान

बौंली — अजयशेखर शर्मा
मेटों को नही मिल रहा भुगतान
झिलाय—क्षेत्र की ग्राम पंचायत झिलाय में पिछलें चार माह से लगातार चल रहे मनरेगा
योजना के तहत हुए कार्यो का संबंधित मेटों को भुगतान नही होने से उन्हें आर्थिक परेशानी
का सामना करना पड़ रहा है। मेट श्योजीलाल रैगर, अर्जुन गौत्तम, शिवदयालकुम्हार, नीरज कुमार राजोरिया, दयाराम कुम्हार, सुरेन्द्र मिश्रा,गिर्राज प्रसाद कुम्हार, गुलाब चन्द रैगर ने बताया कि ग्राम पंचायतद्वारा जनवरी माह से लगातार मनरेगा योजना के तहत कार्य करवाया जा रहा है।अब तक सात मस्ट्रररोल का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि वर्तमान मेंआठवीं मस्ट्रररोल का कार्य प्रगति पर चल रहा है। उन्होने बताया किसंपादित हुए कार्यो का आज तक मेटों को भुगतान नही होने से स्थानीय मेटों में
प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। उन्होने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त मस्ट्रररोलों पर लगे श्रमिकों का तो भुगतान कर दिया गया परन्तु मेटों को आज तक भुगतान नही किये जाने से उन्हें आर्थिक संकट से जूझना पड रहा है।
15 दिन में भुगतान होने का है प्रावधान:-मनरेगा योजना में कार्य समाप्ति के 15 दिन बाद संबंधित मेट, कारीगर,कुशल, अर्धकुशल श्रमिकों को 15 दिवस में भुगतान का प्रावधान है, समय पर भुगतान नहीं होने पर संबंधित मेट,कारीगर, कुशल, अर्धकुशल श्रमिक लेट भत्तें के अधिकारी होते है।परन्तु श्रमिकों को जानकारी का अभाव व कर्मचारियों की अनदेखी के चलते उन्हें इसका लाभ नही मिल पाता है।
सामग्री मद से किया जाएगा भुगतान:—मनरेगा योजना के तहत होने वाले कार्यो का भुगतान दो प्रकार से किया जाता
है। कार्य पर लगे श्रमिको का भुगतान श्रम मद से सीधा कर दिया जाता है,जबकि मेटों को सामग्री मद से भुगतान किया जाता है इसमें समय लग जाता है।जल्दी ही मेटों का भुगतान करा दिया जाएगा।—-
भंवरलाल यादव सरपंच ग्राम पंचायत झिलाय
भुगतान के लिए पूर्व में भेजा जाचुका है:—-मनरेगा योजना में कार्य पूर्ण होते ही संबंधित कार्य की मस्ट्रररोल कीऔपचारिकता पूर्ण कर पंचायत समिति भेज दिया जाता है। संबंधित मेट, कारीगर,कुशल, अर्धकुशल श्रमिकों को पंचायत समिति स्तर से ही भुगतान किया जाता हैअगर मेटों के भुगतान में देरी हुई है तो हमारी कमी से नही हो रही।
मांगीलाल खटीक– रोजगार सहायक ग्राम पंचायत झिलाय