शिमला में 80 बांग्लादेशी छात्रों ने बनवा लिए आधार कार्ड, खुलासे से मचा हडकंप

मीनाक्षी भारद्वाज 

शिमला,  शिमला में निजी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले 80 बांग्लादेशी छात्रों ने हॉस्टल के पते पर आधार कार्ड बनवा लिए। केंद्रीय गुप्तचर एजेंसी की रिपोर्ट में हुए इस खुलासे से हड़कंप मचा है। पता चला है कि इनमें से कुछ ने पैन कार्ड भी बनवाए हैं।

सूत्रों के मुताबिक कुछ दिन पहले केंद्रीय गुप्तचर एजेंसी को इस बात की भनक लगी थी। एजेंसी की टीम विवि पहुंची और छात्रों के आधार कार्ड जांचे थे। एजेंसी ने रिपोर्ट दिल्ली स्थित केंद्रीय कार्यालय में भेज दी है। इससे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। कैसे अस्थायी पते पर विदेशी छात्रों को आधार कार्ड जारी कर दिया गया यह भी बड़ा सवाल है।

एपीजी विश्वविद्यालय शिमला में करीब 200 बांग्लादेशी छात्र विभिन्न कोर्सों की पढ़ाई कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक करीब 80 छात्रों ने हॉस्टल के पते पर आधार कार्ड बनवाए हैं। इनको आधार कार्ड बनवाने की क्या जरूरत थी, यह भी बड़ा सवाल है।

छात्र पासपोर्ट और वीजा के आधार पर वे भारत में सिर्फ पढ़ाई करने के  लिए ही पात्र हैं। पूरे मामले में विवि प्रशासन की गलती सामने नहीं आई है। इसमें अहम भूमिका आधार कार्ड बनाने वाले केंद्र संचालक की सामने आ रही है। विवि प्रबंधन हर छात्र को एक पत्र देता है जिसमें विभाग, उसका पता व हॉस्टल का पता लिखा होता। विवि प्रशासन ने किसी भी छात्र का आधार कार्ड दिखाने से इन्कार कर दिया है। सिर्फ इतना कहा कि आधार के गजट के मुताबिक 182 दिन तक भारत में रहने वाला आधार कार्ड बनवाने के पात्र हैं।

साइबर कैफे संचालक मुकरा

सोमवार को पंथाधाटी में आइटी भवन कार्यालय पहुंची। यहां आधार बनाने वाले एक काउंटर पर मौजूद कर्मी से पूछताछ की तो बताया कि शनिवार को भी छात्र आधार कार्ड बनवाने आया था। उसके पास तहसीलदार से सत्यापित कागजात थे, लेकिन उसने इन्कार कर सने बताया कि एक साइबर कैफे में  आधार कार्ड बनते हैं, वहां पता कीजिए। जब टीम साइबर कैफे पहुंची तो संचालक साफ मुकर गया कि वह आधार कार्ड नहीं बनाता है। उसने एक  अधिकारी का नंबर दिया, जो आधार बनाने के सारे काम डील करता है।

पैन कार्ड भी बने : विदेशी छात्रों

के आधार कार्ड ही नहीं बने, बल्कि पैन कार्ड भी बने हैं। आधार कार्ड पर ही अब पैन कार्ड बनता है। आयकर रिटर्न भरने के लिए पैन अनिवार्य है। आधार कार्ड किसके बने हैं, किसके नहीं। इसके बारे में तो क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ से ही पता चल पाएगा।

साइबर कैफे में भी आधार कार्ड के लिए आवेदन कर देते हैं। ऑनलाइन डॉक्यूमेंट पूरे होंगे तभी आधार कार्ड बना होगा।

शुभम धीमान, सीनियर एक्जीक्यूटिव आइटी विभाग।

हमने आधार कार्ड नहीं बनवाए हैं लेकिन कुछ छात्रों के कार्ड बनकर आए हैं। जब हमें पता चला तो हम भी हैरान थे। फिर आधार का गजट निकाला, उसमें लिखा है जो 182 दिन तक भारत में रहता है, वह आधार कार्ड बनवाने के लिए पात्र है।

-राजन सहगल, रजिस्ट्रार एपीजी विवि।

मेरे ध्यान में मामला नहीं है। यह तो आधार कार्ड बनाने वाली अथॉरिटी को देखना चाहिए कि कैसे बना रहे हैं। यह अवैध काम है। मैं इस मामले की जांच करवाने का आदेश दूंगा।

-आसिफ जलाल, डीआइजी, साउथ रेंज हिमाचल प्रदेश पुलिस।

आधार कार्ड क्यों जरूरी

  •  भारतीय नागरिक के रूप में पहचान के लिए हर जगह आधार कार्ड मांगा जाता है।
  •  पासपोर्ट, जनधन खाते, एलपीजी सबसिडी पाने के लिए जरूरी दस्तावेज
  •  संपत्ति के रजिस्ट्रेशन के लिए।
  •  छात्रवृत्ति पाने के लिए ।
  •  सिम कार्ड खरीदने के लिए।
  • आयकर रिटर्न के लिए।
  • प्रतियोगी परीक्षाओं (आइआइटी, जेईई इत्यादि) के लिए।
  • बच्चों के दाखिले के लिए।
  • डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र के लिए।
  • प्रोविडेंड फंड निकलवाने के लिए।