पिछले चुनाव से दोगुना पकड़ी दौलत-ड्रग्स और शराब

मीनाक्षी पारीक 

जयपुर. लाख सख्ती के बावजूद दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत के आम चुनावों में मतदाता को लुभाने के लिए पैसा, शराब, मादक पदार्थ और सोना-चांदी का खेल खुलकर खेला जा रहा है। पूरे देश में अब तक तीन हजार करोड़ से ज्यादा की नकदी और अन्य चीजें जब्त की जा चुकी हैं। यह 2014 के लोकसभा चुनावों के मुकाबले दोगुना हैं।

सरकारी एजेंसियों और चुनाव में धनबल का खेल खेलने वालों के बीच रोजाना की जंग चल रही है। हर रोज औसतन दस करोड़ की नकदी और शराब, ड्रग्स जेवरात आदि जब्त किए जा रहे हैं। राजस्थान में 43.97 करोड़ की कुल जब्ती हुई है। चौंकाने वाली बात यह है कि मादक पदार्थों ने धन-दौलत और शराब सबको पीछे छोड़ दिया है।

निर्वाचन विभाग के विशेषाधिकारी हरिशंकर गोयल के मुताबिक विभाग के उड़न दस्ते, एसएसटी, स्थानीय पुलिस, आबकारी विभाग तथा ड्रग्स एवं नारकोटिक्स विभाग आदि सरकारी एजेंसियां कार्रवाई में निरंतर लगी हुई हैं जिसकी जिला निर्वाचन अधिकारी मॉनिटरिंग करते हैं। उनके मुताबिक 50 हजार रुपए से अधिक की नकद राशि और कीमती वस्तुएं जब्त की जाती हैं।

वरिष्ठ अधिवक्ता कैलाशनाथ भट्‌ट बताते हैं कि सरकारी एजेंसियों को सीआरपीसी की धारा 102 के तहत अघोषित नकद राशि और सोने चांदी के जेवरात और अन्य कीमती सामान जब्त करने का अधिकार है। मादक पदार्थ और शराब जब्त करने का अधिकार नारकोटिक्स और आबकारी विभाग के पास है। सूत्रों के मुताबिक सरकारी एजेंसियों की होटलों, फार्म हाउसों, एयरपोर्ट, हाइवे, रेलवे स्टेशनों पर छापेमारी जारी है। इसमें बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। इनमें कुछ विदेशी नागरिक भी हैं।

राजस्थान में 43.97 करोड़ की कुल जब्ती हुई है। जिसमें 4.95 करोड़ नकद, 11.52 करोड़ का शराब, 14.04 करोड़ के मादक पदार्थ, 7.7 करोड़ का स्वर्णाभूषण और 5.7 करोड़ के उपहार शामिल हैं।

देशभर में 22 अप्रैल तक 3119.15 करोड़ की जब्ती हई। इसमें सबसे ज्यादा 1169.29 करोड़ की तो ड्रग्स ही है।