कांग्रेस-भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बनी सीट, यहां मोदी और गहलोत दो ही चेहरे

युधिष्ठिर भूदंड 

जोधपुर. जोधपुर संसदीय क्षेत्र इस बार सुर्खियों में है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव कांग्रेस से और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत भाजपा के प्रत्याशी है। कांग्रेस-भाजपा के लिए नाक का सवाल बन चुकी है यह सीट। कांग्रेस की तरफ से गहलोत अपने बेटे के लिए पूरा दमखम लगा रहे है। वहीं भाजपा भी जोधपुर का गढ़ जीतने को पूरी मेहनत कर रही है। यहीं कारण है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनावी सभा के बाद अमित शाह भी रोड शो करेंगे। दोनों नेता अमूमन एक शहर में चुनावी सभाएं नहीं करते है, लेकिन इस बार वे दोनों यहां आ रहे हैं। इस बार रोमांचक मुकाबला देखने को मिल सकता है।

बदल गए है समीकरण
2014 लोकसभा चुनाव में देशभर चली मोदी लहर पर सवार होकर गजेन्द्र सिंह शेखावत ने 4.10 लाख मत से रिकॉर्ड जीत हासिल की थी। चार माह पूर्व हुए विधानसभा चुनाव के पश्चात जिले की राजनीति के समीकरण काफी बदल गए। जोधपुर संसदीय क्षेत्र की आठ विधानसभा सीट में से कांग्रेस ने छह पर जीत हासिल कर ली। जबकि भाजपा के खाते में महज दो सीट ही आ पाई। गत लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड जीत हासिल करने वाली भाजपा के मत प्रतिशत कम होकर 39.88 फीसदी ही रह गया। जबकि, कांग्रेस ने 47.96 फीसदी मत हासिल किए।

मोदी और गहलोत
चुनाव में क्षेत्र की समस्याओं से जुड़े सभी मुद्दे गौण हो चुके हैं। तीसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री बने गहलोत चालीस साल के अपने राजनीतिक जीवन के दौरान जोधपुर में कराए गए विकास कार्यों का हवाला देकर मतदाताओं से अपने पुत्र को विजयी बनाने की अपील कर रहे है। साथ ही वे अपने व्यक्तिगत संपर्कों के जरिये माइक्रो मैनेजमेंट पर फोकस कर रहे हैं।

दूसरी तरफ केंन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री शेखावत पूरी तरह से प्रधानमंत्री मोदी के भरोसे हैं। वे हर जगह मोदी के हाथ मजबूत करने को वोट मांग रहे हैं। गहलोत को घर में घेरने के लिए 22 अप्रैल को मोदी की जोधपुर में चुनावी सभा है। इसके बाद 26 अप्रैल को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह यहां रोड शो करेंगे। जबकि, गहलोत अपने पुत्र के पक्ष में प्रचार करने के लिए प्रियंका गांधी को बुलाने की कोशिश में है।

पांच बार सांसद रहे मुख्यमंत्री गहलोत
रेगिस्तान का सिह द्वार कहलाने वाले कांग्रेस के गढ़ जोधपुर में भाजपा सेंधमार कर चुकी है। यहां अब तक हुए चुनावों में आठ बार कांग्रेस और चार-चार बार भाजपा व निर्दलीय ने बाजी मारी। जबकि, एक बार जनता पार्टी का प्रत्याशी विजयी रह चुका है। कांग्रेस की आठ जीत में गहलोत की अहम भूमिका रही। वे यहां से पांच बार सांसद रहे।

ये है जातीय गणित
जोधपुर लोकसभा क्षेत्र में 19.36 लाख मतदाता है। इसमें से सबसे अधिक करीब तीन लाख राजपूत मतदाता है। जबकि इसके बाद अनुसूचित जाति के 2.80 लाख, मुस्लिम 2.40, विश्नोई-1.61, जाट-1.50, माली- 1.10 लाख अन्य ओबीसी-2.30 लाख के अलावा शेष अन्य जातियों के मतदाता है। ऐसे में जाट व विश्नोई मतदाता निर्णायक साबित होंगे। इनका रूझान यहां का नतीजा तय करेगा। (