शहर में 48 घंटों में सिर्फ एक बार जलापूर्ति, गांवों में पानी के जुगाड़ में बीत रहा पूरा दिन

गणेश योगी 

टोंक गर्मी आने के साथ शहर समेत गांवों में पेयजल संकट गहराने लगा हैं। आलम यह है कि शहर समेत कई गांव ढाणियों में पानी के जुगाड़ में ही लोगों का दिन बीत रहा है। विभाग के मुताबिक वर्तमान में 48 घंटे के अंतराल में शहर में जलापूर्ति की जा रही है। वह भी मांग के अनुरुप आधा पानी ही लोगों को नसीब हो रहा है। शहर के गुलजारबाग क्षेत्र में लोग सुबह से सार्वजनिक नलों पर टकटकी लगाए रहे। मौके पर मौजूद महिलाओं का आरोप था कि पानी आने का समय सुबह का होने के बावजूद दोपहर तक पानी नहीं आया।

जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बायपास के दोनों ओर बसी कई कॉलोनियों में तो जलापूर्ति लाइन तक नहीं होने से लोग ढाई से तीन सौ रुपए तक का टैंकर डलवाकर काम चला रहे है। सरपंच कॉलोनी में रहने वाले पानमल खींची ने बताया कि गांव छोड़कर शहर आए, यहां भी पानी की समस्या से परेशान है। बायपास स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पीछे रहने वाली अंगूरी देवी, कमला देवी व रामा का कहना है कि आसपास हैण्डपंप का भी अभाव है। ऐसेंट में टैंकर आए दिन टैंकर से पानी मंगवा रहे है। गुलजार बाग क्षेत्र स्थित सार्वजनिक प्वॉइंटों पर लोगों का जमावड़ा लगा रहा।

हलक तर करने की जुगत

गर्मी शुरू होने के साथ गांव-ढाणियों में जलापूर्ति संकट गहराने लगा है। टोडारायसिंह क्षेत्र के एक गांव के पास से गुजर रही बीसलपुर जलापूर्ति लाइन के वाल्व से रिस रहे पानी को भरने की जुगत में एकत्र महिलाएं।

फ्लोराइड युक्त व कड़वा होने से नहीं पी रहे पानी

अमीरपुरा खेड़ा गांव में हैंडपंपों के जवाब देने से महिलाएं दूरदराज से पानी लाने को मजबूर है। आलम यह है कि उजाला होने से पहले ही गांव के बाहर कुओं पर पानी भरने वालों की कतार लगी दिखाई पड़ती हैं। पहले पानी भरने की बात को लेकर महिलाएं आपस में उलझ भी पड़ती हैं। इसी बीच गांव के बड़े बुजुर्गों द्वारा बीच बचाव करने पर मामला शांत हान पाता है। हजार से अधिक आबादी वाले खेड़ा गांव मे सभी जातियों के लोग निवास करती हैं। गांव में वैसे तो पांच हैंडपंप लगे हैं। मगर पानी फ्लोराइड युक्त व कड़वा होने से गांव वाले उसे पीना पसंद नही करते। ऐसे में महिलाएं गांव बाहर एक किमी दूर बने कुएं से पानी भरकर लाने पर मजबूर हैं। गांव के लोगों ने बताया कि नदी किनारे होने के बावजूद गांव के हैंडपंपों का पानी पीने योग्य नही है।

बीसलपुर लाइन के वाल्व से रिस रहे पानी से कंठ तर

टोडारायसिंह क्षेत्र में बीसलपुर जलापूर्ति योजना के तहत लगे सार्वजनिक प्वॉइंटों के कनेक्शन कटने से लोग लाइन से रिस रहे पानी से प्यास बुझाने पर मजबूर हो रहे है। गांव के हैण्डपंपों का पानी फ्लोराइडयुक्त होने से पिया नहीं जा सकता। बीसलपुर नल योजना के तहत लगे प्वॉइंटों का कनेक्शन कटा हुआ होने से लोग रिस रहे वाल्व के पानी से कण्ठ तर कर रहे है।