20 साल के लंबे करियर को ऑलराउंडर रजत भाटिया ने कहा अलविदा, सभी फॉर्मेट से लिया संन्यास

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेटर रजत भाटिया ने अपने 20 साल लंबे करियर को अब विराम देने का फैसला लिया है। बुधवार को दिल्ली के ऑलराउंडर ने सभी तरह की क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। उन्होंने 1999-2000 में रणजी तमिल नाडु के खिलाफ घरेलू क्रिकेट में डेब्यू किया था।

दिल्ली के ऑलराउंडर रजत भाटिया ने क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। दिल्ली की तरफ से रणजी करियर की शुरुआत करने वाले रजत ने अपना आखिरी मुकाबला पिछले साल उत्तराखंड की तरफ से खेला था। बुधवार को उस ऑलराउंडर ने अपने दो दशक लंबे करियर को विराम लगाया।

रजत ने साल 1999-2000 में तमिल नाडु के खिलाफ फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था। दो साल पहले उन्होंने दिल्ली का साथ छोड़कर उत्तराखंड के लिए खेलना का फैसला लिया था। साल 2019 में उन्होंने अपना अंतिम रणजी मैच खेला था। 2019-20 के सीजन में रजत ने शानदार खेल दिखाते हुए 175 की बेमिसाल औसत से कुल 700 रन बनाए थे।

रजत का फर्स्ट क्लास करियर

बतौर ऑलराउंडर टीम में जगह बनाने वाले रजत ने फर्स्टक्लास क्रिकेट में काफी अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने 112 मैच में 49 की औसत से कुल 6482 रन बनाए जिसमें कुल 17 शतक शामिल रहे। वहीं गेंदबाजी में हाथ दिखाते हुए रजत ने कुल 137 विकेट भी हासिल किए। लिस्ट ए में भी उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा और 119 मैच खेलकर कुल 3038 रन बनाने के साथ 93 विकेट भी चटकाए।

रजत का आईपीएल करियर

इंडियन प्रीमियर लीग में रजत ने दिल्ली डेयरडेविल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, राजस्थान रॉयल्स और पुणे सपुरजाइंट्स की तरफ से खेला। अपनी मध्यम गति की गेंदबाज और नीचले क्रम में बल्लेबाजी से उन्होंने टीम के लिए काफी अच्छा प्रदर्शन किया। पहले तीन सीजन में रजत ने दिल्ली के लिए खेला इसके बाद वह कोलकाता के साथ जुड़े जहां गौतम गंभीर की कप्तानी में उन्होंने काफी अच्छा प्रदर्शन किया। 2012 में टीम को मिली जीत में उन्होंने अहम योगदान देते हुए 13 विकेट हासिल किए। तीन साल केकेआर के लिए खेलने के बाद रजत को राजस्थान ने 1.7 करोड़ की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल किया। 2014 में उन्होंने 12 विकेट हासिल किए थे। 2017 में रजत ने पुणे सुपरजाइंट्स के साथ भी जुड़े थे।