वरिष्ठ उद्घोषक आकाशवाणी लक्ष्मण साधू लम्बी सेवा के बाद हुए आज सेवानिवृत्त

 

गजेन्द्र जाँगिड़

जोधपुर – जिले की शान लक्ष्मण साधु आकाशवाणी जोधपुर का एक परिचित और महत्वपूर्ण नाम है। वरिष्ठ उद्घोषक होने के नाते उनको आकाशवाणी का एक मजबूत स्तम्भ कहे जाने वाले अपनी कार्यशैली और समयबद्धत्ता के लिए उन्हें हमेशा याद किया जायेगा। खासकर मानसून महीनों में जब जोधपुर की सड़को पर कमर तक पानी भर जाता था, सड़क पर कोई भी वाहन नहीं चल सकता था, किसी भी खुले न दिखने वाले मैनहोल में पाँव गया और जीवन ख़त्म, ऐसे में लक्ष्मण साधू प्रातःकालीन ड्यूटी पर अपने घर से छाता ले कर कमर तक के पानी में पैदल चल कर ड्यूटी करने आते थे।ऑफिस के उनके लॉकर में एक जोडी़ कपडे़ वो ऐसी स्थिति के लिए रखते थे। 31 जुलाई 2020 को वो 30 वर्ष की सेवा पूरी कर के सेवानिवृत्त हुवे हैं। सन 1990 में आकाशवाणी सूरतगढ़ के लिए उनका चयन स्थाई उद्घोषक के रुप में हुआ। उससे पहले वर्ष 1986 में उन्होंने आकाशवाणी जोधपुर में आकस्मिक उद्घोषक के रुप में भी अपनी सेवाएँ दी। हिन्दी और दर्शन शास्त्र में स्नातकोत्तर शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने हिन्दी के स्थानीय दैनिक समाचार पत्रों में सहायक संपादक और संपादक के तौर पर अपना कैरीयर शुरू किया। उनके द्वारा प्रस्तुत फर्माईशी फिल्मी गीतों के कार्यक्रम, राजस्थानी गीतों के कार्यक्रम, ग्रमीण श्रोताओं का कार्यक्रम चौपाल, पत्रोतर श्रोताओं को हमेशा याद रहेगा। उनका खास योगदान सन 2001 में शुरू हूए सजीव कार्यक्रम नमस्कार में रहा जहाँ लाईव प्रोग्राम में अपनी जादुई उंगलियों से कम्पयूटर बैकग्राउन्ड म्युजिक निकालते थे और कन्सोल औपरेट करते थे। 13 जुलाई 1960 को जन्मे लक्ष्मण साधू आज अपने जीवन की एक सफल पारी खेल कर आकाशवाणी जोधपुर से सेवानिवृत्त हो कार्यकाल पूरा कर दूसरी पारी की शुरूआत कर रहे हैं। इस दूसरी पारी के लिए आकाशवाणी जोधपुर परिवार ने उनको बहुत बहुत शुभकामनायें दी और ईश्वर से स्वस्थ प्रसन्न रहे और चिरायू रहने की कामना की। लक्ष्मण साधु आकाशवाणी में उनकी यादें हमेशा याद आती रहेगी ।