SBI ने जारी की चेतावनी- ऑनलाइन एफडी कराने के चक्कर में लुट न जाना

भारत के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने अपने ग्राहकों और आम जनता को सावधि जमा (एफडी) के रूप में निवेश के लिए ऑनलाइन धोखाधड़ी के बारे में चेतावनी दी है। बैंक ने कहा है कि ऑनलाइन एफडी में धोखाधड़ी को लेकर ग्राहकों की शिकायतें मिली हैं।

बैंक ने अपने ग्राहकों से अपने खाते तक साइबर ठगों की पहुंच को रोकने के लिए पासवर्ड/ओटीपी/सीवीवी/कार्ड नंबर आदि जैसे व्यक्तिगत डिटेल शेयर नहीं करने के लिए कहा है। साथ ही बैंक ने कहा कि बैंक कभी भी फोन, एसएमएस या मेल पर इन डिटेल्स के बारे नहीं पूछता है। एसबीआई ने ट्वीट के जरिये चेतावनी दी कि हमे रिपोर्ट मिली हैं कि जहां साइबर अपराधियों द्वारा ग्राहकों के खातों में ऑनलाइन एफडी तैयार किए जाने की सूचना है और ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की कोशिश हो रही है।

एसबीआई ने अपने खाताधारकों को यह संदेश देने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है। बैंक ने ट्वीटर पर इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि इस नए तरह के साइबर धोखाधड़ी की सूचना मिली है, जहां धोखाधड़ी करने वाले पीड़ित के एफडी खाते का उपयोग पैसे निकालने के लिए कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कोरोना काल में डिजिटल बैंकिंग काफी तेजी से बढ़ी है। इसके मद्देजनर रिजर्व बैंक सहित एसबीआई पहले भी ग्राहकों को चेतावनी जारी कर चुके हैं। पिछले साल नवंबर में भी एसबीआई ने साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए चेतावनी जारी करने के साथ कुछ जरूरी उपाय बताए थे।

ऐसे दे रहे जालसाजी को अंजाम

जालसाजों की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी देते हुए बैंक ने बैंक ने कहा है कि धोखाधड़ी करने वाले (स्कैमर्स) पहले अपने नेट बैंकिंग डिटेल के साथ भोले-भाले ग्राहकों के एफडी खाते बनाते हैं और कुछ राशि हस्तांतरित करते हैं और फिर वह इसका लाभ उठाते हैं। एसबीआई ने कहा है कि धोखाधड़ी करने वाले खुद को बैंक अधिकारी बताकर ग्राहक से ओटीपी मांगते हैं। इसके बाद ग्राहक यदि ओटीपी शेयर करता है तो एफडी राशि को अपने खाते में स्थानांतरित कर लेते हैं।

यह पांच गलतियां कभी न करें

1 ओटीपी, पिन, सीवीवी किसी को न दें
बैंक ने कहाहै कि कभी किसी के साथ अपने डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड का ओटीपी, पिन, सीवीवी या यूपीआई पिन शेयर नहीं करें। फोन कॉल करके सबसे अधिक फ्रॉड पासवर्ड चेंज करने के नाम पर होता है। धोखा करने वाले ग्राहकों से कहते हैं कि अगर पासवर्ड चेंज नहीं करेंगे तो कार्ड ब्लॉक हो जाएगा. ग्राहक डर करके उनके झांसे में आ जाते हैं।

2 बैंक खाता की जानकारी कभी भी फोन में सेव न करें

विशेषज्ञों का कहना है कि कभी अपने बैंक खाता की जानकारी फोन में सेव नहीं करें। फोन चोरी होने पर फ्रॉड के शिकार हो सकते हैं।

3 एटीएम कार्ड की जानकारी न दें

किसी भी व्यक्ति के साथ अपने एटीएम कार्ड डिटेल्स शेयर नहीं करें।

4 पब्लिक इंटरनेट से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन कभी न करें

अपने बैंक अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए पब्लिक इंटरनेट, ओपन नेटवर्क और फ्री वाई-फाई जोन से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने से बचना चाहिए। इन ओपन नेटवर्क का इस्तेमाल करने से आपका इन्फॉर्मेशन लीक हो सकती है और ऑनलाइन फ्रॉड की आशंका बढ़ सकती है।

5 बैंक कभी नहीं मांगता है ये जानकारियां

कोई भी बैंक कभी भी अपने कस्टमर्स से यूजर आईडी, पिन, पासवर्ड, सीवीवी, ओटीपी, वीपीए, यूपीआई आदि की जानकारियां नहीं मांगता है. इसलिए जब कोई व्यक्ति फोन या इंटरनेट पर इस तरह की जानकारी मांगे तो समझ लीजिए वह फ्रॉड है. ऐसी जानकारियां किसी के साथ भी साझा न करें।