ट्रेन में बिना मास्क यात्रा करना पड़ेगा महंगा, रेलवे लगाएगा 500 का जुर्माना

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए रेलवे ने कोरोना प्रोटोकाल के पालन के लिए सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। रेल बोर्ड ने एक आदेश जारी कर सभी रेलवे परिसर और ट्रेनों में मास्क न पहनने पर 500 रुपए जुर्माना लगाने का फैसला किया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और अगले 6 महीने तक जारी रहेगा। रेलवे ने अब इसे रेलवे अधिनियम के तहत अपराध के तौर पर शामिल किया है।

रेलवे ने वायरस के प्रसार को प्रतिबंधित करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मामलों के मंत्रालय द्वारा जारी किए गए विभिन्न कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए इसे अपनाया है। रेलवे द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए जारी विशिष्ट दिशानिर्देशों में मास्क पहनना शामिल है।

भारतीय रेलवे द्वारा ट्रेनों की आवाजाही के लिए 11 मई, 2020 को जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में कहा गया है कि सभी यात्रियों को सलाह दी जानी चाहिए कि उन्हें प्रवेश और यात्रा के दौरान फेस कवर या मास्क पहने हुए होना चाहिए। इसमें कहा गया है कि मास्क के अनिवार्य उपयोग और जुर्माने को अब भारतीय रेलवे (रेलवे परिसर में स्वच्छता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के लिए दंड) नियम, 2012 के तहत सूचीबद्ध किया जाएगा, जिसमें रेल परिसर में थूकने वालों के लिए भी जुर्माने का प्रावधान है।

आदेश में कहा गया है, कोविड-19 स्थिति के मद्देनजर, किसी व्यक्ति द्वारा मास्क नहीं पहनने और रेलवे परिसर (ट्रेनों सहित) में प्रवेश करने और थूकने एवं इस तरह के कृत्य पर रोक लगाना अस्वच्छ परिस्थितियों के निर्माण से बचने के लिए महत्वपूर्ण है जिससे जीवन और सार्वजनिक स्वास्थ्य को खतरा हो सकता है।

रेलवे अधिकारियों द्वारा भारतीय रेलवे (रेलवे परिसर में स्वच्छता को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के लिए दंड) नियम, 2012 के तहत जुर्माना (500 रुपये तक) लगाया जाएगा। यह छह महीने की अवधि के लिए तत्काल प्रभाव से इस संबंध में अगले निर्देश जारी होने तक लागू रहेगा।