तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल से फिर जेल पहुंचा गुरमीत राम रहीम, डॉक्टरों को नहीं करने दी कोविड-19 जांच

बलात्कार का दोषी डेरा सच्चा सौदा चीफ गुरमीत राम रहीम को गुरुवार PGIMS रोहतक से छुट्टी मिल गई। राम रहीम को बुधवार चक्कर आने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्वास्थ्य सामान्य होने के बाद राम रहीम को वापस कड़ी सुरक्षा के बीच सुनारिया जेल पहुंचाया गया।

पीजीआईएमएस की सुप्रीनटेंडेंट डॉक्टर पुष्पा दहिया ने बताया कि भर्ती होने से पहले राम रहीम ने कोरोना जांच कराने से इनकार कर दिया था। उन्होंने बताया, ‘बुधवार को हमें सुनारिया जेल के अधिकारियों का फोन आया कि राम रहीम का ब्लड प्रेशर कम हो गया है। हमने नोडल ऑफिसर डॉक्टर संदीप और दो अन्य चिकित्सकों को जेल भेजा। जांच के बाद राम रहीम का ब्लड प्रेशर सामान्य पाया गया और डॉक्टरों की टीम वापस लौट आई। हमें शाम को जेल से फिर फोन आया और इसके बाद राम रहीम को पीजीआईएमस लाने का फैसला लिया गया।’

पुष्पा दहिया ने यह भी बताया कि राम रहीम के इलाज के लिए 7 डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई लेकिन उसने ऐंटीजन टेस्ट के लिए स्वैब सैंपल देने से मना कर दिया। टेस्ट करवाने से इनकार के बाद डॉक्टरों ने पूरी सावधानी के साथ उसका इलाज शुरू किया।

बता दें कि गुरमीत राम रहीम साल 2017 से रोहतक जेल में बंद है। राम रहीम दो महिलाओं से बलात्कार के आरोप में सजा काट रहा है।