कोरोना वायरस को मात देने के बाद दिल की परेशानी दे रही है दर्द, जानिए कैसे होगा बचाव

कोरोना संक्रमण से उबरे लोगों में नई समस्याएं उभरने लगी हैं। देहरादून के अस्पतालों में कॉर्डियोलॉजिस्ट के पास ओपीडी-इमरजेंसी में, जो मरीज पहुंच रहे हैं, उनमें 30% मरीज ऐसे हैं, जिन्होंने कोरोना को मात दी है। हालांकि, विशेषज्ञ कहते हैं कि, इनमें ऐसे मरीज ज्यादा हैं, जिन्हें पहले से दिल से जुड़ी बीमारी, हाई कोलेस्ट्रॉल और हाई बीपी की समस्या रही हो। ऐसे मरीजों में गंभीर लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इमरजेंसी में हर पांचवां मरीज पोस्ट कोविड वाला: श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. तनुज भाटिया के मुताबिक, ओपीडी में रोजाना 30 मरीज आ रहे हैं। इनमें से 10 पोस्ट कोविड वाले हैं। इमरजेंसी में भी हर पांचवां मरीज पोस्ट कोविड वाला आ रहा है। इनमें 40-60 आयु वर्ग के मरीजों की संख्या ज्यादा है। कोविड रिकवरी के चार से छह सप्ताह बाद कुछ मरीजों में हृदय से जुड़े गंभीर लक्षण दिखे हैं। पूर्व में जो दिल के मरीज रहे हैं, उनमें ज्यादा दिक्कत देखने को मिली है। एक सप्ताह में हाथ-पांव की ऑटरी में ब्लॉकेज के 2 मामले, छह से आठ मामले ब्रेन स्ट्रोक और सात मामले हार्ट अटैक या फेलियर के दर्ज हुए।

दिल के मरीज हैं तो दवाई कतई नहीं छोड़ें: विशेषज्ञों का कहना है कि, यदि पहले से दिल के मरीज हैं और कोरोना की चपेट में आ गए हैं तो पहले से चल रही दवाई बिल्कुल न छोड़ें। अपने डॉक्टर से परामर्श लेकर दवा की डोज सेट करा लें। कोविड रिकवरी के बाद लिपिड प्रोफाइल, सीआरपी, डी-डाईमर, शुगर की जांच जरूर कराएं। इससे गंभीर समस्या से बचा जा सकता है।

छाती में दर्द और कम हो रही पंपिंग क्षमता
कोरोनेशन में फोर्टिस यूनिट के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. इरफान याकूब बट कहते हैं कि रोजाना 25-30 की ओपीडी में 8-10 और इमरजेंसी में दस में से दो मरीज पोस्ट कोविड वाले आ रहे हैं। उन्हें हार्ट अटैक, छाती में दर्द की शिकायत आ रही है। कई मरीजों में पंपिंग क्षमता में भी कमी देखी गई हैं। सांस लेने में भी कई मरीजों को अब तक दिक्कत है।

एंजाइटी की भी समस्या
दून अस्पताल के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर उपाध्याय कहते हैं कि ओपीडी बंद हैं, लेकिन फिर भी रोजाना 10 से 12 ऐसे मरीज भी संपर्क कर रहे हैं, जिनकी धड़कनें बढ़ी हुई मिल रही हैं। लोगों में एंजाइटी देखी जा रही है। कोरोना वायरस  ने दिमाग की नसों को प्रभावित किया है। मरीजों में साइनस टेककार्डिया पाया जा रहा है। इस तरह की दिक्कतें दुनियाभर में देखी जा रही हैं। वेलमेड अस्पताल के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. चेतन शर्मा कहते हैं कि अस्पताल में 85-90 मरीज ओपीडी में रोजाना आ रहे हैं, जिसमें पोस्ट कोविड मरीज 12-15 हैं। इमरजेंसी में रोजाना 20-25 मरीज आ रहे हैं। कोरोना के बाद लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी हुए हैं।