लालू की सक्रियता ने RJD को दी ताकत, मंडल की राजनीति को धार की तैयारी, सात को हर जिले में धरना प्रदर्शन

लालू प्रसाद यादव की सक्रियता ने आरजेडी को बड़ी ताकत दे दी है। जातीय जनगणना की सियासी गरमाहट को और ताप देने के लिए आरजेडी ने अब मंडल की राजनीति को धार दने की तैयारी कर ली है। इसके लिए 7 अगस्त को मंडल दिवस के अवसर पर बिहार के सभी जिला मुख्यालयों पर आरजेडी के कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन करेंगे। इसमें जातीय जनगणना कराने, आरक्षित कोटे से बैकलॉग के लाखों रिक्त पद भरने और मंडल आयोग की शेष रिपोर्ट लागू करने की मांग होगी।

भाजपा ने जातीय जनगणना करवाने से इंकार कर दिया है। आरजेडी इस मुद्दे पर भाजपा को चौतरफा घेरना चाहती है। मंडल कमीशन ने अपनी रिपोर्ट के शुरू में ही कहा था कि जातियों के आंकड़े न होने की वजह से उसे काम करने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा, इसलिए अगली जनगणना में जातियों के आंकड़े भी जुटाए जाएं। लालू प्रसाद अब घर से बाहर भी निकलने लगे हैं, नेताओं से भी मिलने- जुलने लगे हैं। इस बार 7 अगस्त को मंडल दिवस को भव्य तरीके से मनाने का फैसला उनकी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने लिया है। इसे भाजपा की उस नीति के खिलाफ सड़क पर मनाया जाएगा, जिसके तहत भाजपा जातीय जनगणना का विरोध कर रही है।

तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह ने 7 अगस्त 1990 को संसद में मंडल की सिफारिशें लागू करने की घोषणा की थी। पूरे देश में पिछड़ों को 27 फीसदी आरक्षण देने का फैसला हुआ। लालू प्रसाद, मुलायम सिंह यादव जैसे नेताओं ने मंडल के पक्ष में ताकत दिखाई। इसी वोट बैंक को जाग्रत रखने के लिए एक बार फिर शक्तिप्रदर्शन शुरू हो रहा है। लालू प्रसाद ने कहा है कि जातीय जनगणना का विरोध करने वाले लोगों को कोई अक्ल नहीं है। बैक बेंचर के लिए अलग से बनाइए। छह लाख परिवार इस देश में भीग मांग रहा है। उनसे पूछिए वे किस जाति के हैं। आरजेडी के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी कहते हैं कि आरएसएस की सवर्णवादी सोच की वजह से भाजपा जातीय जनगणना नहीं कराना चाहती।

आरजेडी के प्रवक्ता चितरंजन गगन कहते हैं पार्टी की ओर से से 7 अगस्त को हर जिले में धरना दिया जाएगा और प्रदर्शन होगा। इसके बाद जिला पदाधिकारी के माध्यम से केन्द्र सरकार को मेमरेंडम दिया जाएगा जिसमें जातीय जनगणना कराने, मंडल की अन्य सिफारिशों को लागू करने और आरक्षित कोटे से बैकलॉग के लाखों खाली पदों को भरने की मांग होगी।