अगवा इंजीनियर को सात दिन बाद नक्सलियों ने छोड़ा, जन अदालत में लिया फैसला

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में अगवा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के सब इंजीनियर रोशन लकड़ा को जन अदालत लगाने के बाद नक्सलियों ने बुधवार को रिहा कर दिया। नक्सलियों ने सब इंजीनियर को सात दिनों तक अपने पास रखा था। अपहरण की बात सामने आने पर इंजीनियर की पत्नी ने नक्सलियों से अपने पति की रिहाई की गुहार लगाई थी, लेकिन नक्सलियों ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। आज इंजीनियर के रिहा होने के बाद प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है।

बता दें कि बीजापुर में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में कार्यरत सब इंजीनियर रोशन लकड़ा और चपरासी (प्यून) लक्ष्मण परतगिरी 11 नवंबर को सड़क निर्माण का काम देखने के लिए मनकेली-गोरला गांव की तरफ गए थे। 24 घंटे से ज्यादा समय बाद भी उनके नहीं लौटने पर नक्सलियों द्वारा अपहरण की आशंका जताई गई। 13 नवंबर को नक्सलियों ने चपरासी को जन अदालत लगाकर छोड़ दिया, जबकि सब इंजीनियर को अपने कब्जे में रखा था। पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता बलराम ठाकुर ने मीडिया को जानकारी दी तब यह मामला सामने आया था। सब इंजीनियर की इस रिहाई में मीडिया और स्थानीय लोगों की पहल की बात भी सामने आई है।

जंगलों में भटक रही थी अर्पिता
इंजीनियर रोशन लकड़ा को अगवा किए जाने की सूचना के बाद उसकी पत्नी अर्पिता लकड़ा जंगलों में अपने बच्चे को लेकर भटक रही थी। उन्होंने वीडियो जारी कर अपने पति को अच्छा इंसान बताते हुए छोड़ने का आग्रह नक्सलियों से किया था। बताते हैं कि अर्पिता अपने पति को खोजते हुए वहां तक पहुंच गई थी, जहां नक्सलियों ने रोशन को रखा था।

बेहद संवेदनशील इलाका 
बताया जाता है कि बीजापुर के जिस क्षेत्र में निर्माण कार्य को देखने दोनों कर्मचारी गए थे वह अति संवेदनशील और नक्सलियों का प्रभाव वाला इलाका है। नक्सली सड़क निर्माण का शुरू से विरोध कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने इंजीनियर को अपहरण किया था। वहीं बीजापुर के जिस क्षेत्र में नक्सलियों ने जन अदालत लगाई थी वह बेहद दुर्गम और संवेदनशील इलाका बताया जाता है।