ब्रह्मोस के जासूस को नागपुर जेल भेजा, यहीं चलेगा मुकदमा

निताबेनिबॉगडे 

नागपुर। ब्रह्मास एयरोस्पेस की गोपनीय जानकारियां लीक करने के आरोप में पकड़े गए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के इंजीनियर निशांत अग्रवाल को नागपुर जेल ट्रांसफर कर दिया गया है। उनके ऊपर अब नागपुर में ही मुकदमा चलेगा । गौरतलब है कि एटीएस ने 4 अक्टूबर 2018 को एफआईआर दर्ज की थी कि पाकिस्तान के एजेंट फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर भारतीय रक्षा प्रतिष्ठानों के कर्मचारियों की मदद से गोपनीय जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर ब्रह्यास एयरोस्पेस नागपुर में कार्यरत साइंटिस्ट निशांत अग्रवाल को एटीएस ने अरेस्ट कर लखनऊ में स्पेशल सीजेएम के समक्ष प्रस्तुत किया था। विवेचना में निशांत अग्रवाल के विरुद्ध ऑफिशल सीक्रेट ऐक्ट के अंतर्गत अपराध किए जाने के पर्याप्त सबूत प्राप्त हुए । इसके वाद स्पेशल सीजेएम न्यायालय में कंपलेंट दाखिल की गई। न्यायालय ने 12 मार्च को टेरिटोरियल जूरिडिक्शन न होने के कारण आईओ को नागपुर कोर्ट में कंप्लैंट दाखिल करने का निर्देश दिया था। आईओ ने गुरुवार को नागपुर क्री अदालत में कंप्लैंट दाखिल कीं। न्यायालय ने आरोपी साइंटिस्ट निशांत अग्रवाल को 14 दिन कि न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। फिलहाल इस केस कीं पैरवी एटीएस ही करेगी, बाद में नागपुर पुलिस पैरवी करेगी ।आपको बता दें कि निशांत नागपुर में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में 4 साल से काम कर रहा था। उसके पास भारत की अति महत्वपूर्ण ‘ब्रह्मोस’ मिसाइल से जुड़ी सीक्रेट जानकारियों की पहुंच थी। निशांत अग्रवाल पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को जानकारी देने का आरोप है। उन पर ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.। ब्रह्मोस 3700 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से 290 किलोमीटर तक के ठिकानों पर अटैक कर सकती है। ब्रह्मोस कम ऊंचाई पर उड़ान भरती है इसलिए रडार की पकड़ में नहीं आती। भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मस्कवा नदी पर ब्रह्मोस का नाम रखा गया है।