कमलनाथ के राज में पानी की एक एक बूंद के लिए तरसता गांव

देवास: कहते हैं जल है, तो जीवन है, लेकिन यदि जल ही नही हो तो, फिर जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल है। सुविधाओं के नाम पर बड़े बड़े दावे करने वाली सरकार शायद इस बात से बेखबर है कि मध्यप्रदेश में आज भी ऐसे गांव हैं जहां लोग पानी की एक एक बूंद को तरस रहे हैं, पानी के लिए मोहताज हो गए हैं। भले ही कई सरकारें आई और आकर चली गई लेकिन क्या किसी भी सरकार की नजर इस गांव पर नहीं पड़ी? बेहद संवेदनशील यह मामला देवास जिले के बागली तहसील के बेहरी गांव का है। जहां हैरान करने वाली बात तो यह है कि एक एक ड्रम पानी के लिए संघर्ष करते ग्रामीणों को गहरे जल संकट का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि गांव में नाममात्र हैंडपंप चालू है लेकिन ग्रामिणों को इतनी भीड़ बढ़ जाती है, कि लोगों को पानी ही नहीं मिल पाता। बहरहाल मार्च का महीना चल रहा है अप्रैल-मई में तो यही हालात रहे तो, गांव से पलायन करना पड़ सकता है ।

जब इस संबंध में उच्च अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने सर्वे करने के बाद 2 निजी ट्यूबबेल को अधिकरण करके गांव की पानी की समस्या हल करवाने का आश्वासन दिया, हालांकि अभी निजी ट्यूबबेलो अधिकरण हुआ नहीं है । गांव में जल के हालाक जस के तस बने हुए हैं।