अपहृत कोटेदार का बोरे में बंद शव नाले में पड़ा मिला

प्रदीप कुमार 

फर्रुखाबाद : तीन दिन पहले अपहृत गांव चांदपुर के कोटेदार 62 वर्षीय रामनरेश तिवारी का शव बोरे में बंद शहर की आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-1 में नाले में पड़ा मिला। पुलिस अधीक्षक (एसपी) व सीओ सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच की। रामनरेश की गर्दन में उनका अंगौछा कसा हुआ था। इससे उनकी हत्या गला कसकर करने की आशंका है।शहर कोतवाली के गांव चांदपुर निवासी कोटेदार रामनरेश तिवारी का अपहरण दिनदहाड़े दुकान से करने की सूचना 14 मार्च की शाम पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने पत्नी मुन्नी देवी की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज की। शुक्रवार गुमशुदगी का मुकदमा अपहरण में तरमीम किया गया। शनिवार को आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-1 निवासी रिटायर्ड इंजीनियर पृथ्वीराज गंगवार व रिटायर्ड शिक्षक अशोक पाठक सुबह घर से निकले तो उन्हें नाले में बोरे में बंद कोई चीज पड़ी दिखाई दी। उन्होंने सफाईकर्मी से कहा। सफाईकर्मी ने पास जाकर देखा और शक जताया कि बोरे में किसी ने जानवर का शव है। कर्मचारी ने कहा, जानवरों के शव दूसरा कर्मचारी उठाता है। दोपहर बाद एक अन्य कर्मचारी पहुंचा। उसने नाले से बोरा खींचकर बाहर निकाला। तभी जानकारी पाकर आवास विकास चौकी प्रभारी ज्ञानेश्वर भी आ गए। उन्होंने कर्मचारी से खाद की पल्लियां खोलने को कहा। कर्मचारी ने उसे खोला तो अंदर एक बोरे में शव बंद था। इससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव पुरुष का था, उसके गले में अंगौछा कसा हुआ था। कुछ देर में एसपी डॉ. अनिल मिश्र, सीओ सिटी रामलखन सरोज, कोतवाली प्रभारी रवि श्रीवास्तव आ गए। कोटेदार के भाई राजनरायन तिवारी ने शव की शिनाख्त भाई रामनरेश तिवारी के रूप में की। इसके बाद वहां अन्य परिजन भी आ गए। एसपी ने परिजनों से पूछताछ की। आवास विकास चौकी प्रभारी ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम को भेज दिया।