बिहार कांग्रेस की लिस्‍ट में कीर्ति आजाद को मिली जगह, पप्‍पू पर फंसा पेच

अनुज श्रीवास्तव 

पटना। महागठबंधन में कांग्रेस की सीटें लगभग तय हो चुकी हैं। पार्टी 11 सीटों पर चुनाव लडऩे की तैयारी में है। सीटों के साथ-साथ चेहरे भी तय हो चुके हैं। केवल औपचारिक घोषणा होनी बाकी है। संभावित सूची की बात करें तो राष्‍ट्रीय जनता दल (राजद) की आपत्ति के कारण जन अधिकार पार्टी (जाप) के संरक्षक व मधेपुरा से सांसद पप्‍पू यादव को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। उधर, राजद की आपत्ति के बावजूद निर्दलीय विधायक अनंत सिंह (या उनकी पत्‍नी) को टिकट दिए जाने की चर्चा है। सासाराम से पूर्व लोकसभा अध्‍यक्ष मीरा कुमार तथा दरभंगा से भाजपा से कांग्रेस में आए कीर्ति आजाद के टिकट फाइनल बताए जा रहे हैं।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ सीटों पर जिच बरकरार है, हालांकि कांग्रेस ने अपनी सीटों पर प्रत्‍याशियों के नाम फाइनल कर लिए हैं। अब केवल घोषणा शेष है।

पूर्णिया को लेकर राजद से विमर्श

पूर्णिया को लेकर राजद से विमर्श जारी है। इसी कारण भाजपा छोड़ चुके पूर्व सांसद पप्पू सिंह अबतक कांग्रेस में विधिवत शामिल नहीं हुए हैं। अगर राजद मधुबनी छोडऩे पर तैयार हो गया तो पूर्णिया सीट उसके खाते में जाएगी और वैसी स्थिति में पप्पू सिंह राजद के प्रत्याशी बन सकते हैं।

कांग्रेस के हिस्‍से में रही कटिहार सीट

राष्‍ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से कांग्रेस में आने वाले तारिक अनवर कटिहार से सांसद हैं। उन्हें कटिहार की जगह किशनगंज से कांग्रेस का प्रत्याशी बनाने की चर्चा थी। कटिहार की सीट महागठबंधन में शामिल विकासशील इनसान पार्टी (वीआइपी) के अध्यक्ष मुकेश सहनी को देने पर विमर्श हुआ था। मगर कटिहार सीट अब कांग्रेस के हिस्से में ही रहेगी। उधर, किशनगंज से कांग्रेस के सिटिंग सांसद मौलाना असरारूल हक का पिछले साल निधन हो गया है। इस सीट पर पूर्व मंत्री जाहिदुर्रहमान को कांग्रेस का प्रत्याशी बनाने की चर्चा है।

पप्‍पू के नाम पर अभी तक नहीं बनी सहमति

सुपौल कांग्रेस की दूसरी सिटिंग सीट है, जिसपर रंजीत रंजन को उम्मीदवार बनाया जाएगा। वहीं, उनके पति पप्पू यादव के नाम पर कांग्रेस में अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। पप्पू यादव ने जन अधिकार पार्टी बना रखी है, और इस बार वह कांग्रेस से चुनाव लडऩे के लिए प्रयासरत हैं। पप्‍पू यादव पिछला लोकसभा चुनाव मधेपुरा सीट से जीते थे। बताया जाता है कि उनके नाम पर राजद को एतराज है।

दरभंगा से प्रत्‍याशी बनाए जाएंगे कीर्ति

भाजपा से आए कीर्ति आजाद को दरभंगा का प्रत्याशी बनाया जा सकता है। कीर्ति आजाद बरते चुनाव में भाजपा के टिकट पर दरभंगा से ही चुनाव जीते थे।

अनंत या उनकी पत्‍नी को मिली मुंगेर सीट

राजद का एतराज तो अनंत सिंह के नाम पर भी है। हालांकि, मुंगेर से बाहुबली अनंत सिंह या उनकी पत्नी के नाम की घोषणा की जा सकती है। अनंत सिंह अभी मोकामा से निर्दलीय विधायक हैं।