जीएसटी में 2.5 हजार करोड़ की गड़बड़ियां करने वालों में 80 फीसदी युवा; उम्र 24 से 36 साल

मीनाक्षी पारीक 

जयपुर  जीएसटी गठन के दौरान ये दावे किए गए थे कि टैक्स चोरी  और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) क्लेम के जरिए धोखाधड़ी के मामलों में कमी आएगी। लेकिन सबकुछ इसके  उलट हो गया है। डेढ़ साल में प्रदेश में 500 करोड़ का आईटीसी क्लेम उठ गया है। इस क्लेम के पीछे तीन हजार करोड़ रुपए के फर्जी लेनदेन के खुलासे हो चुके हैं। तीन वर्षों की तुलना में  फर्जी  आईटीसी क्लेम के दर्ज मामलों में पांच गुना वृद्धि रिकार्ड हुई है। 2 वर्षों में 10 गिरफ्तारियां हुई है।

मजेदार ये है कि ये सब करने वाले 80 प्रतिशत युवा है और इनकी उम्र 24 से 36 वर्ष के आसपास रही है। ऐसे हालात बनने के बाद संबंधित  विभाग और उससे जुड़ी इंटेलीजेंस ने इस दिशा में वर्किंग तेज कर दी है। आईटीसी क्लेम करने वालों व्यक्तियों के लिए लेनदेन की चेन को खंगाला जा रहा हैं। संदिग्ध व्यापारियों से पूछताछ की जा रही है। वांछित मामलों में ई-वे बिल सत्यापन टीमों का गठन हो चुका है। ये कर चोरों, जो जीएसटी कानून का पालन नहीं करते हैं उन पर नजर रखे हुए है।

इन तीन मामलों से समझें कैसे फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये की ठगी कर ली गई-

केस 1 : 113 करोड़ का आईटीसी क्लेम उठ गया 
कपिल विजय (29), मोहित विजय (24) निवासी सिरसी रोड ने माल आपूर्ति के बिना नकली चालानों व बिलों पर 113 करोड़ का आईटीसी क्लेम उठाया। इन्होंने 670.14 करोड़ के फर्जी बिल भी जारी किए। दोनों पर इंटेलीजेंस ने 28 फरवरी को 11 ठिकानों पर सर्च किया। विजय के पास 21 और मोहित की 6 फर्जी फर्म जीएसटी आने के बाद बनी थी

केस 2 : 33 करोड़ रु. का आईटीसी क्लेम उठाया  
मैसर्स जैन एंटरप्राइजेज के  संचालक सौरभ छाजेड़ 30 को पिछले दिनो गिरफ्तार किया गया। उन्होंने पौने दो करोड़ रुपए के फर्जी बिल और इनवॉयस बनाएं और 33 करोड़ रुपए का आईटीसी क्लेम तक उठा लिया। इन ट्रांजेक्शनों के लिए 479 फर्मों को चालान जारी किए, जिनमें से 393 राजस्थान में और 86 राजस्थान के बाहर स्थित रही ।

केस 3 : 11 करोड़ का फर्जी आईटीसी क्लेम उठाया  
पिछले साल अगस्त में जयपुर, जगतपुरा निवासी एक महिला चार्टेंड एकाउंटेंट उम्र 30 साल  सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। दो आरोपी पंजाब से थे। टैक्स चोरी के लिए इन्होंने 35 फर्जी कम्पनियां बनाई थी। इस मामले में 11 करोड़ रुपए की आईटीसी गलत तरीके से उठाने का मामला सामने आया था। अभी जांच चल रही है।

केंद्र ठोस पॉलिसी बनाएं तब बने बात 
इन घोटालों को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि फर्जी आईटीसी क्लेम की रोकथाम के लिए पूरे सिस्टम का रिव्यू करना होगा। इसके लिए केंद्र को आगे आकर नई पॉलिसी बनानी होगी। ताकि आईटीसी से जुड़े फर्जी क्लेम नहीं उठ सकें। इस दिशा में सरकार को सख्त सजा का प्रावधान करना चाहिए।