पार्रिकर के निधन के बाद गोवा की कुर्सी के लिए घमासान जारी, CM की रेस में BJP के ये 2 नेता

पणजी: गोवा में भाजपा नीत गठबंधन अगले मुख्यमंत्री को लेकर अभी किसी सहमति पर नहीं पहुंच पाया है। मनोहर पार्रिकर के निधन के बाद राज्य में नए मुख्यमंत्री की तलाश शुरू हो गई है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस भी राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल से मिलने का समय मांग रही है। वहीं भाजपा शाम 5 बजे से पहले नए सीएम के नाम का ऐलान कर सकती है। भाजपा खेमे से सीएम पद के लिए जो दो नाम सामने आए हैं वो- विश्वजीत राणे और प्रमोद सावंत का है। भाजपा विधायक माइकल लोबो ने बताया कि विधायकों ने मुख्यमंत्री पद के लिए विश्वजीत राणे और प्रमोद सावंत के नाम सुझाए हैं। हाईकमान इन नामों पर मथन कर रही है।

लोबो ने बताया कि देर रात यहां पहुंचे केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी राज्य में भगवा पार्टी और गठबंधन सहयोगी दलों के बीच कोई आम सहमति हासिल नहीं कर सके। लोबो ने कहा कि महाराष्ट्रवादी गोमंतक पार्टी (एमजीपी) के विधायक सुदीन धवलीकर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं जिससे बातचीत में गतिरोध पैदा हो गया है। लोबो ने रातभर चली बैठक के बाद एक होटल के पत्रकारों से कहा, ‘‘सुदीन धवलीकर खुद मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं जबकि भाजपा चाहती है कि गठबंधन का नेता उसके खेमे का होना चाहिए।

CM के नाम की घोषाणा के बाद एमजीपी समर्थन पर करेगी विचार
इससे पहले गोवा फॉरवर्ड पार्टी (जीएफपी) प्रमुख विजय सरदेसाई ने कहा था कि पार्टियां अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची हैं। सरदेसाई ने कहा था कि बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला और भाजपा ने उन्हें सूचित किया है कि बाद में दिन में फिर से बैठक होगी। उन्होंने बताया कि पार्टियों ने इस पर चिंता जताई कि पार्रिकर की अनुपस्थिति में आगे कैसे बढ़ा जाए। उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि वे हमारी चिंताओं पर जल्द जवाब देंगे।’’ हालांकि, जीएफपी नेता ने कहा कि पार्टी ने अभी भाजपा को लेकर दरवाजे बंद नहीं किए हैं। धवलीकर ने कहा कि गडकरी ने विधायकों से अलग-अलग मुलाकात की और उनसे कुछ सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि गडकरी जल्द मुख्यमंत्री उम्मीदवार के नाम की घोषणा करेंगे।

एमजीपी उसके बाद सरकार को समर्थन देने के बारे में फैसला करेगी। पार्रिकर के निधन के बाद 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में सदस्यों की संख्या 36 रह गई है। भाजपा विधायक फ्रांसिस डिसूजा का गत महीने निधन हो गया था जबकि दो कांग्रेस विधायकों ने पिछले साल इस्तीफा दे दिया था। उल्लेखनीय है कि पार्रिकर (63) का पणजी के पास उनके निजी आवास पर रविवार शाम निधन हो गया। वह पिछले एक साल से अग्नाशय संबंधी कैंसर से जूझ रहे थे।