बिना अनुमति स्ट्रांग रूम खोलने के मामले में डीसी शिमला को हटाया

मीनाक्षी भारद्वाज 

जिला शिमला के चौपाल में बिना अनुमति स्ट्रांग रूम खोलने के मामले में चुनाव आयोग के आदेश पर जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त अमित कश्यप को हिमाचल सरकार ने हटा दिया है।

स्ट्रांग रूम खोलने के आरोपी चौपाल के एसडीएम रहे 2015 बैच के आईएएस अधिकारी मुकेश रेपसवाल को चार्जशीट कर दिया है। टीसीपी के निदेशक राजेश्वर गोयल को डीसी शिमला लगाया गया है। सोमवार को चुनाव आयोग के एक्शन मोड में आने पर सरकार ने यह कार्रवाई की।

कश्यप को अब पर्यटन विभाग का निदेशक लगाया गया है। उनके पास निदेशक टीसीपी का अतिरिक्त कार्यभार भी रहेगा। एसडीएम चौपाल रहते मुकेश रेपसवाल ने वर्ष 2018 में बिना चुनाव आयोग से मंजूरी लिए दो बार अपने स्तर पर उस स्ट्रांग रूम को खोला था जिसमें ईवीएम रखी हुई थीं।

इसकी जानकारी किसी को नहीं दी गई। स्ट्रांग रूम खोलने का वीडियो जब वायरल हुआ तो चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी शिमला से मामले में रिपोर्ट मांगी।

रिपोर्ट में रेपसवाल ने स्ट्रांग रूम को राजनीतिक दलों की मौजूदगी में वीडियोग्राफी कराते हुए खोलने और ईवीएम को नहीं छूने की बात कही। हालांकि, आयोग ने इस रिपोर्ट के अध्ययन के बाद बिना अनुमति स्ट्रांग रूम खोलने पर एसडीएम और डीसी शिमला को हटाने के आदेश जारी कर दिए।

सरकार ने 12 मार्च को ही एसडीएम को हटा दिया लेकिन डीसी को न हटाकर स्टेटस रिपोर्ट के नाम पर सफाई भेज दी। सरकार ने यह भी कहा कि वह इस रिपोर्ट के बाद आयोग जो भी निर्देश देगा वह लागू किए जाएंगे।

इसके बाद से अब तक आयोग के जवाब न आने के चलते डीसी शिमला पद पर बरकरार रहे। सोमवार को आयोग की कड़ी चिट्ठी के बाद तत्काल दोनों के खिलाफ कार्रवाई कर दी।