विजयपुर-पचोर के बीच विद्युतीकरण पूरा, 22 को ट्रायल में दौड़ेगा इलेक्ट्रिक लोको इंजन

रुपेश जैन 

विजयपुर-मक्सी रेल लाइन विद्युतीकरण के लिए चल रहा काम आखिरी दौर में हैं। इस ट्रैक पर विजयपुर से पचोर के बीच करीब 100 किमी में 22 मार्च को ट्रायल के लिए इलेक्ट्रिक इंजन दौड़ाया जाएगा। इसके बाद 24 मार्च को कमिश्नर आफ रेलवे सेफ्टी (सीएसआर) ट्रैक का निरीक्षण कर इस पर बिजली इंजन से ट्रेन चलाने की अनुमति देंगे।

रेलवे द्वारा विजयपुर- मक्सी रेल खंड पर ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने और ट्रेन सुविधा का विस्तार करने के लिए काम किया जा रहा है। इसके लिए रेलवे विद्युतीकरण कराने वाली राइट विंग द्वारा केईसी इंटरनेशनल कंपनी गुड़गांव से 150 करोड़ रुपए से रेलखंड पर 180 किमी में विद्युतीकरण का काम कराया जा रहा है। इसके लिए कंपनी ने बीते नवंबर 2017 में काम शुरू किया था, जिसमें से अभी तक विजयपुर से पचोर के बीच करीब 95 फीसदी काम पूरा हो गया है। सिर्फ टेस्टिंग और ब्रेकेट आदि लगाने का काम चल रहा है। इसे अगले एक या दो दिन में पूरा कर दिया जाएगा। इसके बाद विजयपुर से पचोर के बीच लोको का ट्रायल होगा फिर 24 मार्च को सीआरएस निरीक्षण कर इस ट्रैक पर बिजली के इंजन से ट्रेनें चलाने की अनुमति देंगे।

रेलवे बोर्ड ने तय की समय सीमा, इसलिए प्रोजेक्ट पूरा कराने रात को भी चल रहा काम

रेलवे बोर्ड ने बीते दिसंबर माह में विजयपुर से मक्सी रेललाइन के विद्युतीकरण का काम पूरा करने के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी है। इसके लिए रेलवे बोर्ड ने पूरे प्रोजेक्ट को मई 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया है। हालांकि टेंडर शर्तों के तहत ठेका कंपनी ने बीते नवंबर 2017 में विद्युतीकरण का काम शुरू किया था, जिसे ढ़ाई साल यानि 30 माह में मई 2020 तक रेलवे लाइन का काम पूरा करना था। लेकिन रेलवे ने बीच में ही नए सिरे से टाइम लिमिट तय कर स्पेशल प्लानिंग से काम कराया जा रहा है। इसके लिए दिल्ली से एक रिटायर्ड आफिसर को प्रोजेक्ट हेड बनाकर भेजा गया है। प्रोजेक्ट को समय पर पूरा कराने के लिए रात को भी काम किया जा रहा है। बीती 14 फरवरी से ठेका कंपनी ने रात को भी तार खींचने और टेस्टिंग का काम चालू कराया है, ताकि समय पर प्रोजेक्ट को पूरा किया जा सके।

प्रोजेक्ट समय पर पूरा हो, इसलिए रिटायर्ड चीफ आॅफिसर को सौंपा जिम्मा

रेलवे बोर्ड ने विजयपुर- मक्सी रेल लाइन विद्युतीकरण का काम पूरा करने नए सिरे से समय सीमा तय करने के साथ ही विशेष कार्ययोजना के तहत काम कराया है। इसके लिए दिल्ली से रिटायर्ड चीफ इलेक्ट्रिकल आफिसर छक्कीलाल को प्रोजेक्ट हेड बनाकर भेजा है, उन्हीं की देखरेख में यह पूरा प्रोजेक्ट कम्पलीट हो रहा है। हालांकि जल्दबाजी में किए जा रहे विद्युतीकरण के कार्य की वजह से इस ट्रैक पर बीते सवा महीने में कई हादसे भी सामने आए हैं।