बेटे वैभव को जोधपुर से चुनाव लड़वाने दिल्ली तक सहमति बनाने में जुटे गहलोत

गर्वित श्रीवास्तव 

जोधपुर. तीन दिन पहले वैभव गहलोत के अचानक जोधपुर आकर कांग्रेस के स्थानीय नेताओंं से मुलाकात करने के बाद उनके जोधपुर संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की चर्चाओं का बाजार एकाएक तेज हो गया है। जोधपुर संसदीय सीट पर कांग्रेस वैभव के नाम पर लगभग सहमत नजर आ रही है। हालांकि गहलोत बेटे को कहां से लॉन्च करेंगे, इसको लेकर उन्होंने अभी पते नहीं खोले हैं। लेकिन मुख्यमंत्री खुद वैभव को जोधपुर से चुनाव लड़ाने के लिए जयपुर से दिल्ली तक सहमति बनाने में जुटे हैं।

कुछ दिन पहले मुख्यमंत्री ने इस बात का इशारा भी किया था कि आलाकमान की इच्छा होगी औैर वैभव को टिकट मिलेगा तो चुनाव भी लड़ेंगे। शनिवार को उन्हें एआईसीसी का मेंबर बनाना भी इसी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है।

हाल ही में अहमदाबाद में हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में भी वैभव के चुनाव लड़ने की चर्चा रही। अगले ही दिन वैभव के जोधपुर पहुंचने और जिलाध्यक्ष सईद अंसारी सहित कांग्रेस के पदाधिकारियों व कुछ समाज के प्रमुख लोगों से मिलने के बाद उनके जोधपुर से चुनाव लड़ने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि वैभव को अन्य सीट से लॉन्च करने की स्थिति में कांग्रेस रामेश्वर दाधीच, चंद्रेश कुमारी व हीरालाल विश्नोई या किसी अन्य नाम पर फैसला कर सकती है।

गहलोत ले रहे फीडबैक 
वैभव को लोकसभा चुनाव लड़वाने के संकेत चार महीने पहले मुख्यमंत्री ने दे दिए थे। उन्होंने कहा था कि जब वे सीएम थे तब वैभव को युवक कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव लड़ने से रोका था। 2009 में वैभव को सवाई माधोपुर से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव आया था, तब भी मना कर दिया था। तब हमारा फोकस प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी के नेतृत्व में ज्यादा सीटें जीतने पर था। अब वैभव स्वतंत्र हैं, यदि वह चाहेगा तो चुनाव लड़ सकता है। मेरी तरफ से कोई बंदिश या रोक नहीं है।

इसके कुछ समय बाद वैभव ने भी चुनाव लड़ने की स्वीकृति मिलने के संकेत दे दिए थे। अब गहलोत जोधपुर या मारवाड़ से जाने वाले हर फरियादी से ज्ञापन व समस्या सुनने के बाद बातों-बातों में वैभव के जोधपुर से चुनाव लड़ने को लेकर फीडबैक भी ले रहे हैं। वे जालोर-सिरोही सीट के लिए भी फीडबैक ले रहे हैं, लेकिन पहली इच्छा जोधपुर ही है।