लोकसभा चुनवा: बिना लड़े, चुनाव प्रचार करेंगे राज ठाकरे

मुंबई

सय्यद लायक खालेद 


मनसे लोकसभा चुनाव नहीं लड़ेगी, लेकिन मनसे प्रमुख राज ठाकरे भाजपा सरकार के खिलाफ चुनाव प्रचार करेंगे यह घोषणा खुद राज ठाकरे ने मंगलवार को अपनी पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में की। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई किसी पार्टी विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि मोदी शाह की जोड़ी के खिलाफ है। राज ठाकरे ने कहा कि उनकी प्रचार सभाओं का एक ही एजेंडा होगा कि मोदी-शाह को हटाना है, तो उनके उम्मीदवारों को वोट मत दो। राज ठाकरे ने कहा कि मोदी और शाह की जोड़ी को राष्ट्रीय राजनीति के पटल से हटाना जरूरी है। इसके देश के सभी नेताओं को एकसाथ आना जरूरी है, यह बात कहने वाला पहला व्यक्ति मैं था।

किसी से सीट नहीं मांगी
राज ठाकरे के कार्यकर्ताओं से कहा, उन्होंने कभी खुद होकर कांग्रेस-राकांपा से न तो गठबंधन की बात की बात की और ना ही सीटों की। अजित पवार और अशोक चव्हाण दोनों ही खुद आकर उनसे मिले।

टारगेट विधानसभा
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कहा कि मोदी के विरोध में होने वो प्रचार का फायदा जिसको लेना है, लेने दो, लेकिन तुम लोग विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट जाओ।

फडणवीस को जवाब
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज ठाकरे को ‘बारामती का पोपट’ कहा था, इसके जवाब में राज ठाकरे ने फडणवीस को हवा भरा गुब्बारा कहा।

भाजपा को लूटो
राज ठाकरे ने कहा कि आगामी चुनाव में भाजपा के लोग तुम्हारे पास आएं, नोटों से भरी थैलियां लाएं, तो उनसे उनकी थैलियां लूट लो। उन्हें लूटने में कुछ गलत नहीं है, क्योंकि भाजपा ने देश को लूटा है।

चौकीदार भ्रम है
भाजपा के चौकीदार अभियान को राज ठाकरे ने मूल मुद्दों और समस्याओं से जनता का ध्यान हटाने और भ्रम फैलाने वाला काम बताते हुए लोगों से अपील की कि वह इसके चक्कर में न पड़े। यह अभियान इसलिए चलाया गया ताकि जनता सवाल न पूछे।

पैसे नहीं और युद्ध
राज ठाकरे ने कहा सरकार ने रिजर्व बैंक से तीन लाख करोड़ रुपये मांगे थे। तत्कालीन गवर्नर उर्जित पटेल ने इसका विरोध किया इसलिए उन्हें पद छोड़कर जाना पड़ा, मतलब सरकार के पास पैसे नहीं थे और सरकार बिना पैसे देश को युद्ध में झोंकने जा रही थी।