जेडीए घोटाला: राज्य सरकार से अभियोजन स्वीकृति मिली, एसीबी पेश करेगी चार्जशीट

गर्वित श्रीवास्तव 

जोधपुर. जेडीए में करीब 250 करोड़ के घोटाले के मामले में सरकार से अभियोजन स्वीकृति मिलने के बाद एसीबी एक केस में चार्जशीट पेश करेगी। 3 साल पहले भाजपा सरकार के दौरान एसीबी ने कई केस दर्ज किए थे। मामले पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान जेडीए की ओर से विभिन्न विकास कार्यों में नियम विरुद्ध दोहरी निविदाएं जारी करने, बजट बढ़ाने, बैक डेट में वर्कऑर्डर जारी करने आिद की अनियमितताएं सामने आई थी। जेडीए की बैठक के बगैर कार्यवाही विवरण के ढाई सौ करोड़ की वित्तीय स्वीकृतियां जारी करने सहित अन्य अनियमितताओं के मामलों में तत्कालीन जेडीए अध्यक्ष राजेंद्र सोलंकी सहित कई अफसर आरोपी हैं।

इनमें तत्कालीन आयुक्त शफी मोहम्मद कुरैशी, सचिव पीएस नागा, निदेशक (अभियांत्रिकी) केके माथुर, तत्कालीन निदेशक (वित्त) आरपी शर्मा सहित कई इंजीनियर्स, कर्मचारियों व ठेकेदारों पर राजस्व का नुकसान पहुंचाने का आरोप था। इन्हीं में से एक मामले में एसीबी ने राज्य सरकार से अभियोजन स्वीकृति मांगी थी। सोमवार को इसकी स्वीकृति मिल गई।

ऐसे पहुंचाया था 250.24 करोड़ का राजस्व नुकसान 
जेडीए में अगस्त 2013 की कार्रवाई विवरण 22 अगस्त को प्रस्ताव संख्या 3 में करीब 456 पूर्व स्वीकृत कार्यों की संशोधित एएंडएफ जारी करने की स्वीकृति दे दी थी। इन 456 कार्यों की मूल प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति 250.51 करोड़ रुपए की थी। इसमें राशि को बढ़ाकर 357.91 करोड़ कर दिया था। 24 सितंबर 2013 में करीब 266 पूर्व स्वीकृत कार्यों की अतिरिक्त संशोधित वित्तीय स्वीकृति करीब 146.33 से बढ़ाकर करीब 289.13 करोड़ रुपए कर दी गई थी। इस प्रकार इन दोनों बैठकों में पूर्व स्वीकृति मूल एएंडएफ 396.84 करोड़ रुपए से बढ़ाकर लगभग 647.08 करोड़ रुपए कर 250.24 करोड़ का राजस्व का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। इसमें अधिकांश आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

लोहावट के पूर्व पटवारी मीणा के खिलाफ भी मिली अभियोजन स्वीकृत 
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से गत वर्ष एक परिवादी से दो हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार तत्कालीन लोहावट पटवारी राजेश मीणा के खिलाफ भी अभियोजन स्वीकृति मिली है। डीआईजी (एसीबी) सवाईसिंह गोदारा ने बताया कि गत 7 जून को एसीबी टीम ने लोहावट के जंभेश्वर नगर पटवारी मीणा को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोपी मीणा ने परिवादी शंकरलाल से जमीन का म्यूटेशन भरने की एवज में दो हजार रुपए की रिश्वत ली थी। इस मामले में भी सरकार से अभियोजन स्वीकृति मांगी गई थी। एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेंद्र चौधरी को इस प्रकरण में आरोपी मीणा के खिलाफ जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।