स्टेनो रेखा नायर के परिजन ने सरकारी जमीन पर बनाया फार्म हाउस, स्टाॅप डैम भी कब्जाया

नीलू सोनी 

रायपुर/भिलाई . ईओडब्लू और एसीबी ने बुधवार को स्टेनो रेखा नायर के परिजन के फार्म हाउस पर छापा मारा। कार्रवाई में राजस्व विभाग का अमला भी शामिल था। कार्रवाई के दौरान पता चला कि ईओडब्ल्यू की स्टेनो रेखा नायर के परिजन व उनके एक अन्य सहयोगी ने मिलकर नरदहा (आरंग) में 20 एकड़ के फार्म के बीच में 30 डिसमिल जमीन पर कब्जा कर लिया है।

यह जमीन राजस्व रिकार्ड में श्री शंकर जी महाराज मंदिर सर्वराकार गोवर्धन, रामसजीवन पिता द्वारिका प्रसाद व नत्थू लाल पिता रामेश्वर प्रसाद प्रबंधक कलेक्टर रायपुर के नाम पर दर्ज है। इसके अलावा परिजन ने फार्म हाउस के बीच से गुजरने नाले पर बने स्टाॅप डैम पर भी कब्जा कर लिया है। पुष्टि होने के बाद सरकारी जमीन पर कब्जे का केस भी दर्ज किया गया है। टीम ने नरदहा के जिस फार्म हाउस में कार्रवाई की वह 20 एकड़ का है। उसके बाहर पांडेय फार्म हाउस लिखा है।

लेकिन फार्म हाउस में स्टेनो रेखा नायर के पिता रेमाकांतम नायर के नाम से 3.85 एकड़, माता गौरी कुट्टी नायर व पिता रेमाकांतम नायर के नाम से संयुक्त रूप से 1.74 एकड़ जमीन है। और उसी परिसर में 11.67 एकड़ जमीन राकेश पांडेय के नाम से दर्ज है। रेखा अभी भी फरार है। उसकी तलाश में मंगलवार को फिर मारुति सॉलिसिटर के बंगले में दबिश दी गई। वहां कोई नही मिला। इसके अलावा रेखा के भिलाई में रहने वाले रिश्तेदारों के मकान की भी जांच के लिए टीम पहुंची।

जहां फार्म हाउस वहां जमीन की औसत कीमत 70 लाख रुपए एकड़ : फार्म हाउस पहले किसी जैन परिवार का था। उनसे किसी राकेश पांडेय ने जमीन खरीदी। पांडेय के माध्यम से ही इलाके में नायर दंपत्ति की एंट्री हुई। मेन रोड के सामने की जमीन के दाम सबसे अधिक चुकाए। उसके बाद अंदर की जमीन का दाम कम होता चला गया। नोट बंदी के दौरान भी जमीन खरीदी गई। ग्रामीणों के मुताबिक जिस इलाके में फार्म हाउस है वहां वर्तमान जमीन की कीमत करीब 70 लाख रुपए एकड़ है।