महिला और चार नाबालिग बच्चों की हत्या के आरोपित को फांसी की सजा

आरती शर्मा 

भिंड। विधवा महिला, तीन बच्चियों और एक बच्चे की गला काटकर हत्या के आरोपित नीतेश उर्फ अंकुर दीक्षित को द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश एमएल राठौर की कोर्ट ने दोषी पाया। आरोपित को पांचों हत्याओं के लिए मृत्युदंड की सजा दी गई है।

न्यायाधीश ने आदेश सुनाते हुए कहा, जो व्यक्ति केवल महिला से संबंध होने से चार छोटे-छोटे बच्चों और महिला की निर्ममतापूर्वक हत्या कर सकता है, वह व्यक्ति भविष्य में अपनी इच्छा पूर्ति नहीं होने पर किसी भी व्यक्ति को मार सकता है। उसके सुधारने की संभावना नहीं है। आरोपित मृतकों के घर अंग्रेजी की ट्यूशन पढ़ाने जाता था। वारदात शहर के वीरेंद्र नगर में 13-14 मई 2016 की दरमियानी रात की है।

भिंड शहर के वीरेंद्र नगर में रीना शुक्ला (40)पत्नी स्व. शशिकांत शुक्ला, बेटी छवि (12), गढ़ा गांव निवासी जेठ वेदप्रकाश शुक्ला की बेटी महिमा (17) के साथ रहती थी। पास में मायका था। मायके से भाई बृजमोहन शर्मा की बेटी अंबिका (15) सोने आती थी।

गजना गांव निवासी ममेरे ससुर रामकुमार शर्मा का बेटा गोलू उर्फ अवनीश शर्मा (15) पढ़ने के लिए रीना के घर रह रहा था। 14 मई 2016 दिन शनिवार सुबह रीना के घर हलचल नहीं दिखी तो उनकी मां सियाबेटी ने नाती बेटू (10) को रिश्तेदार के घर से रीना की छत पर भेजा था।

बेटू ने खिड़की में सरिया डालकर सीढ़ियों का गेट खोला और घर में गया। एक कमरे में रीना, छवि, महिमा और अंबिका के शव पड़े थे। किचन में गोलू का शव था। बेटू ने बाबा श्रीराम शर्मा को लाशों के बारे में बताया था। रीना के मोबाइल कॉल डिटेल से पुलिस आरोपित नीतेश उर्फ अंकुर दीक्षित तक पहुंची थी। आरोपित ने पुलिस को बयान दिया था कि रीना से उसके संबंध थे। वारदात वाली रात वह मिलने गया था।

यहां गोलू ने उन दोनों को देख लिया था। भेद खुलता देख किचन में ले जाकर गोलू के हाथ-पैर बांधकर सब्जी काटने के चाकू से गला रेत दिया था। इसके बाद महिमा, अंबिका और छवि की गला रेतकर हत्या कर दी थी। हत्याकांड का पर्दाफाश न हो, इसके लिए आखिरी में रीना की भी गला रेतकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद आरोपित घर के मेन गेट पर बाहर से ताला डालकर चला गया था।