EC के सख्त निर्देश, धार्मिक स्थानों और प्रार्थना स्थलों को प्रचार-प्रसार के लिए प्रयोग न करें

नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों एवं धार्मिक नेताओं से लोकसभा चुनावों के दौरान प्रचार-प्रसार के लिए प्रार्थना स्थलों का प्रयोग नहीं करने को कहा है। साथ ही आयोग ने ऐसी गतिविधियों में लिप्त नहीं होने को कहा है जिससे विभिन्न जातियों एवं समुदायों में तनाव पैदा हो। चुनाव आयोग के ये निर्देश भाजपा के कुछ दिन पहले किए गए उस अनुरोध पर आए हैं जिसमें पार्टी ने मस्जिदों पर विशेष पर्यवेक्षक नियुक्त करने की बात कही थी ताकि चुनावों के दौरान धार्मिक आधार पर मतदाताओं का ध्रुवीकरण न हो सके।

इसके साथ ही आयोग ने आगामी लोकसभा चुनावों के लिए आयकर विभाग के दो सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारियों को विशेष व्यय पर्यवेक्षकों के तौर पर नियुक्त किया। चुनाव आयोग ने कहा कि उसने शैलेंद्र हांडा और मधु महाजन को चुनावी मशीनरी द्वारा किए गए कार्यों की निगरानी करने और उन मामलों में सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नियुक्त किया है जहां मतदाताओं को लुभाने के लिए काले धन के प्रयोग एवं अवैध प्रलोभन की बात सामने आए।