पीएनबी घोटाले का आरोपी गिरफ्तार हुआ

अनिल कुमार गुप्ता 

लंदन में बेखौफ घूम रहा भगोड़ा नीरव मोदी शिकंजे में आ गया है. बुधवार को लंदन पुलिस ने नीरव मोदी को गिरफ्तार किया. करीब 13 महीने पहले 13 हजार करोड़ के पीएनबी स्‍कैम में भारतीय जांच एजेंसियों को नीरव मोदी की तलाश थी. इससे पहले सोमवार को ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने नीरव मोदी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया था. हालांकि पुलिस 25 मार्च तक नीरव मोदी को कोर्ट में पेश करेगी.

दरअसल बैंकों का 13 हजार करोड़ लेकर फरार नीरव मोदी पिछले दिनों लंदन की सड़कों पर अपना लुक बदलकर बेखौफ घूमता दिखा था. जबकि उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है. इसके बाद ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लिया. हालांकि गिरफ्तारी के बाद नीरव मोदी के पास जमानत के लिए कोर्ट जाने का विकल्प है. कोर्ट से नीरव को सशर्त जमानत मिल सकती है.

अब प्रत्‍यपर्ण का होगा प्रयास

नीरव मोदी की गिरफ्तारी के बाद भारत सरकार ब्रिटेन से प्रत्‍यपर्ण का प्रयास करेगी. सूत्रों के मुताबिक अब भारत से सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम लंदन के लिए रवाना होगी. इस बीच नीरव मोदी मामले को लेकर CBI और ED की टीम लगातार UK अथॉरिटी और लंदन में मौजूद भारतीय हाई कमीशन के संपर्क में है.

प्रत्‍यपर्ण को लेकर बीते दिनों विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा था कि हम इस मामले में कार्यवाही कर रहे हैं. लंदन में वह दिख गया, इसका यह मतलब नहीं है कि हम उसको तुरंत भारत ले आएंगे. इसके लिए एक प्रक्रिया होती है, जो हम कर रहे हैं. विदेश मंत्रालय ने कहा था कि हमने पिछले साल अगस्त में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का अनुरोध किया था. हम अच्छी तरह से जानते हैं कि वह ब्रिटेन में है, अन्यथा हम यह अनुरोध नहीं करते. हमने ED और CBI से मिली जानकारी के आधार पर प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किया है, अभी ब्रिटेन की ओर से जवाब आना बाकी है.

नीरव मोदी को लेकर विपक्ष के निशाने पर है सरकार

लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान नीरव मोदी को लेकर विपक्षी पार्टियां लगातार मोदी सरकार को घेर रही हैं. विपक्ष का आरोप है कि सरकार की नाकामी की वजह से नीरव मोदी लंदन भागने में सफल रहा. दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार कह चुके हैं जो भी लोग भारत के पैसे लेकर भाग गए हैं, उन्हें सरकार भारत लाएगी. इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.