चरवाहे ने आधे घंटे तक मुकाबला किया बेहोश होकर गिरा तो छोड़ गया भालू

ऋषिराज शर्मा 

रायगढ़. जंगल में बकरी चराने गए ग्रामीण पर भालू ने जानलेवा हमला कर उसके सिर व आखें नोच लीं। हमले में चरवाहा लगभग आधे घंटे तक भालू से भिड़ता रहा। अचेत होने के बाद भालू ने उसे उसे छोड़ दिया और भाग गया। होश आने के बाद ग्रामीण किसी तरह घर पहुंचा। बाद में परिजन उसे खरसिया के सिविल अस्पताल में इलाज कराने ले गए। यहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने घायल का प्राथमिक उपचार किए बिना उसे रायगढ़ स्थित मेकाहारा रेफर कर दिया। मेकाहारा में मरीज का इलाज जारी है। घटना खरसिया थाना क्षेत्र के ग्राम पूछियापाली और जोबी-बर्रा के बीच जंगल की है। सोमवार सुबह 10 बजे पूछियापाली का रहने वाला गणेश राम राठिया (60) अपने साथी चाम सिंह के साथ जंगल में बकरी चराने गया था। उसका साथी ग्रामीण से करीब 200 मीटर दूर था। इसी दौरान एक भालू ने गणेश राम पर हमला कर दिया। उसके सिर को नोचने के बाद भालू उसकी दाहिने आंख को नोच रहा था। हमले में उसकी एक आंख बाहर निकल रही थी, उसे गंभीर चोट आई। दाहिना हाथ भी फ्रैक्चर हो गया। गणेश राम ने आवाज लगाई लेकिन उसका साथी नहीं सुना। ग्रामीण ने बताया कि वह मौत को अपनी आंखों के सामने देख रहा था। भालू के हमले से ग्रामीण अचेत हो गया। उसके शरीर में कोई हरकत नहीं होता देख भालू वहां से चला गया। खरसिया अस्पताल में जब घायल को पहुंचाया गया तो गणेश को देखते ही प्राथमिक इलाज कर रायगढ़ रेफर की पर्ची लिख दी।

एंबुलेंस नहीं मिली तो 1 हजार खर्च करना पड़ा

भालू के हमले से गणेश राम बुरी तरह से जख्मी हो चुका था। उसकी हालत गंभीर बताकर खरसिया में इलाज नहीं करते हुए डॉक्टरों ने मेकाहारा रेफर कर दिया। तब परिजन ने संजीवनी 108 एंबुलेंस से संपर्क किया, तो गाड़ी खराब होने का जवाब मिला। ऐसे में नकदी 1 हजार रुपए में एक गाड़ी कराई। फिर उसे खरसिया से मेकाहारा लाया गया।

24 घंटे बाद भी नहीं हुआ सिटी स्कैन

गणेश राम राठिया के सिर में भालू ने पंजे से हमला किया है। उसके सिर में चोट के निशान हैं। सिटी स्कैन के बाद ही मरीज के सिर में लगी चोटों के बारे में पता चलेगी। सोमवार दोपहर 3 बजे मरीज यहां पहुंच चुका है। सिटी स्कैन के नाम पर उसे भूखा रखा जा रहा है। लेकिन 24 घंटा के बाद भी मरीज का सिटी स्कैन नहीं हो पाया था।

गांव वालों ने बनाया भालू का वीडियो

हमला करने के बाद भालू उसी जंगल में घूम रहा है। इससे आसपास के गांवों में खौफ का माहौल है। गांव के लोग जंगल जाने से घबरा रहे हैं। महुआ का सीजन है, लेकिन ग्रामीण महुआ बीनने के लिए नहीं जा रहे हैं। पूछिया पाली के गुजरात राठिया ने बताया कि घटना के दूसरे दिन कुछ गांव वालों ने भालू को उसी जंगल में देखा और उसका वीडियो बना लिया। इसके बारे में वन विभाग को सूचना दी गई लेकिन वन विभाग के अफसर अभी तक स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचे हैं।