ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही बंद हो जाता है सर्वर, टिकट को लेकर यात्री करते हैं विवाद

शिरीष सिलकारी 

सागर। भोपाल-इटारसी वाया बीना से चलने वाली विंध्याचल एक्सप्रेस के मकरोनिया पहुंचने पर आए दिन विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है। असल में यह स्थिति ट्रेन के समय में हुए परिवर्तन के बाद से शुरू हुई है।

यह ट्रेन सागर प्रतिदिन 30 मिनट पहले पहुंच जाती है, लेकिन आए दिन 10 से 15 मिनट की देरी से मकरोनिया पहुंचती है। जिस समय ट्रेन के पहुंचने का समय होता है, उसी समय रेलवे का सर्वर भी बंद होता है।

इससे गाड़ी आने के समय स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को टिकट नहीं मिलती और टिकट देने वाले कर्मचारी से आए दिन लोगों का विवाद होता है। हालांकि स्टेशन मास्टर सहित कई लोगों ने इस ट्रेन का समय पहले की तरह करने की मांग की, लेकिन रेलवे मंडल के अधिकारियों ने इस ओर ध्यान ही नहीं दिया।

यात्रियों का कहना है कि पहले इस ट्रेन का समय सागर में 10:45 व मकरोनिया में 11:10 था, लेकिन समय सारिणी में हुए फेरबदल के बाद इस ट्रेन का सागर आने का समय 11:25 व जाने का समय 11:35 कर दिया गया। वहीं मकरोनिया में अब यह ट्रेन रात 11:54 पर पहुंचने का समय है, लेकिन मकरोनिया पहुंचते हुए अक्सर यह लेट हो जाती है और 12 बजे के बाद ही मकरोनिया पहुंचती है। उसी समय सर्वर बंद होने से विवाद की स्थिति निर्मित होती है।

तीन बार दिया ज्ञापन

रेलवे सुधार समिति के अध्यक्ष रवि सोनी ने बताया कि विंध्याचल एक्सप्रेस को बीना से कटनी तक पैसेंजर के रूप में चलाने के लिए करीब 3 बार डीआरएम व एक बार जीएम के नाम ज्ञापन दिया गया है। वही मकरोनिया स्टेशन पर इस ट्रेन के पहुंचने के दौरान सर्वर बंद होने को लेकर भी शिकायत की गई है, लेकिन अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे देते हैं। अगर ट्रेनों के टाइमिंग का ध्यान रखा जाए तो रेलवे की इनकम बढ़ने के साथ यात्रियों को भी फायदा मिलेगा। इसके साथ ही इस ट्रेन के समय में फेरबदल को लेकर सांसद द्वारा भी कई बार मांग की जा चुकी है।

बोर्ड में होगी चर्चा

ट्रेनों के समय परिवर्तन व अन्य प्रकार की समस्याओं को लेकर मंडल स्तर पर आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों को समस्याएं रखनी चाहिए। इस विषय में पूर्व में ज्ञापन आए हंै, जिन्हें मंडल के लिए भेजा गया है। आगामी बैठकों में इस विषय को लेकर कुछ निर्णय हो सकते है।

नरेंद्र सिंह, स्टेशन प्रबंधक, सागर