लोकसभा चुनाव: लालकृष्ण आडवाणी का टिकट कटा, अमित शाह लड़ेंगे गांधीनगर से

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए गुरुवार को पहली सूची जारी कर दी। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को वयोवृृद्ध नेता एवं पार्टी के संस्थापक सदस्य लाल कृष्ण आडवाणी की परम्परागत सीट गांधी नगर से उम्मीदवार बनाने की घोषणा की गई। भाजपा की केन्द्रीय चुनाव समिति के सचिव एवं केन्द्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने पार्टी मुख्यालय में पहली सूची में 184 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। भाजपा ने गांधीनगर से सांसद एवं अपने संस्थापकों में से एक वयोवृद्ध नेता आडवाणी की जगह पार्टी अध्यक्ष शाह को उतारा है।

अप्रैल-मई में होने वाले लोकसभा चुनावों में गांधीनगर सीट से मोदी के नजदीकी भाजपा विधायक ने भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का नाम उछाला है। अब इसके पीछे क्या रहस्य है, अभी तक इसका खुलासा नहीं हुआ है। गुजरात की सभी 26 सीटों के लिए तीसरे चरण में 23 अप्रैल को चुनाव होना है। इसके लिए उम्मीदवारों का चयन जल्द होगा। वर्तमान में गांधीनगर सीट से लाल कृष्ण आडवाणी सांसद हैं। विश्वास किया जाता है कि अगर वह इस बार भी चुनाव लडऩा चाहते हैं तो भाजपा हाईकमान उन्हें मना नहीं करेगा।

अमित शाह ने खुद कहा है कि 75 साल से ऊपर के नेताओं पर चुनाव लडऩे पर कोई प्रतिबंध नहीं है। हालांकि सरकार में उन्हें कोई पद नहीं मिलेगा। आडवाणी ने अपने समर्थकों और फैंस को कहा है कि वह सक्रिय रहना चाहते हैं। उनके पास संसद में जाने के अतिरिक्त कोई काम नहीं है जबकि उन्होंने अपने नजदीकी से कहा था कि मैं कुछ करना चाहता हूं। पहले आडवाणी की पुत्री प्रतिभा सिंह का नाम गांधीनगर सीट के लिए लिया जा रहा था लेकिन मोदी व अमित शाह की टीम उन्हें टिकट देने की इच्छुक नहीं है।

गांधीनगर सीट से कौन चुनाव लड़ेगा इसके लिए वहां के कार्यकर्ताओँ व नेताओं से रायशुमारी के लिए मार्च के अंत में पर्यवेक्षक भेजे जाएंगे। कार्यकत्र्ता चाहते हैं कि गांधीनगर सीट से अमित शाह चुनाव लड़ें। वेजालपुर विधानसभा जो कि गांधीनगर संसदीय सीट में पड़ती है, के विधायक किशोर चौहान का कहना है कि मैंने पर्यवेक्षकों के समक्ष यह मांग रखी थी और सभी ने इसका समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि शाह पहले सरखेज सीट से विधायक रहे हैं जो गांधीनगर संसदीय सीट में पड़ती है। सभी जानते हैं कि शाह से बेहतर उम्मीदवार कोई हो ही नहीं सकता।